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भारत का हिमालयी क्षेत्र भूकंप जोन पांच के अंतर्गत; उत्तराखंड के तराई क्षेत्र में काफी समय से भूकंप की आशंका

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भारत का हिमालयी क्षेत्र भूकंप जोन पांच के अंतर्गत है, जो कि अत्यधिक खतरनाक जोन है। उत्तराखंड के तराई क्षेत्र में काफी समय से भूकंप की आशंका बनी हुई है। ऐसे में यदि तराई में भूकंप आता है तो इसका असर इलाहाबाद और दिल्ली से भी आगे तक होगा।रामनगर और हल्द्वानी में यह विनाशकारी साबित होगा। भूगर्भ वैज्ञानिकों की मानें तो इस इलाके में 1505 से कोई भूकंप नहीं आया, इसलिए यहां आशंका बन रही है कि रिक्टर पैमाने पर 7 और 8 प्वांइट का भूकंप खतरनाक हो सकता है।

आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक प्रोफेसर जावेद मलिक की अगुवाई में भूगर्भ वैज्ञानिकों की टीम रामनगर पहुंची है। टीम ने ग्राउंड प्रेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर), ग्लोबल पोजिशन सिस्टम (जीपीएस) और सेटेलाइट के जरिए पहाड़ और तराई में 1505 में आए भूकंप के निशान तलाशे और उस जगह को चिन्हित किया।यह जगह रामनगर-हल्द्वानी मार्ग पर 15 किमी की दूरी पर नंदपुर गांव में नजर आई। यह स्थान पहाड़ी से लगा हुआ है। वैज्ञानिकों ने जमीन से पहाड़ की ओर 200 मीटर की जगह को चिन्हित किया और बाद में जेसीबी की मदद से खुदाई शुरू की। 

जेसीबी करीब दस से बारह फुट तक खुदाई कर रही है। वैज्ञानिक पता लगा रहे हैं कि समतल जमीन में कितना झुकाव आ चुका है। इससे पता लगाया जा सके कि इस क्षेत्र में भूकंप कब आ सकता है। यह कार्य 15 फरवरी तक चलेगा।वैज्ञानिकों की मानें तो यहां भूकंप आने की आशंका सबसे ज्यादा है, भूकंप से बचने के उपायों पर अभी तक ध्यान देने की जरूरत है। भूकंप आया तो रामनगर, हल्द्वानी, दिल्ली, इलाहाबाद से भी अधिक क्षेत्र में तबाही मच जाएगी और तराई का इलाका पूरी तरह से प्रभावित होगा।

आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक प्रो. जावेद मलिक के अनुसार हिमालयी क्षेत्र में पचास साल के अंतराल में केंद्र बदल-बदल कर भूकंप आ रहे हैं। वर्ष 1905 में कांगड़ा धर्मशाला हिमाचल, 1934 में बिहार-नेपाल बॉर्डर, 1950 में असोम, 2005 में कश्मीर और 2015 में नेपाल में बड़े भूकंप आए थे।ये सभी भूकंप हिमालय के ऊपरी हिस्सो में आए। अनुमान है कि जिस स्थान पर खुदाई की जा रही है वहां पर वर्ष 1505 में भूकंप आया था और 1803 में यहां से कुछ दूरी पर पहाड़ों के बीच में भूकंप आया था। माना जाता है कि जिस स्थान पर तीव्र गति वाला भूकंप आता है, वहां पांच या छह सौ साल बाद भूकंप जरूर आता है।


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