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शहर की आबोहवा बिगाड़ रहा सड़क किनारे बिखरा कूड़ा, दुर्गंध से जीना मुहाल

वर्षाकाल में स्वच्छ दून की सूरत बदरंग हो गई है। जलभराव और कीचड़ से पटी सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे हैं। दुर्गंध से क्षेत्रवासियों का जीना मुहाल है। नगर निगम की नाक के नीचे लोग खुले में कूड़ा फेंक रहे हैं और स्वच्छ सर्वेक्षण की परिकल्पना को पलीता लगा रहे हैं। शिकायत के बावजूद न तो नगर निगम संबंधित व्यक्तियों पर कार्रवाई कर रहा है और न ही कूड़ेदानों के पास दुर्गंध मिटाने के लिए ब्लीचिंग पाउडर डाल रहा है।

 

शहर के मुख्य मार्गों से कूड़ेदान हटाने और शत-प्रतिशत घर-घर कूड़ा उठान की व्यवस्था बनाने नगर निगम के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। ज्यादातर क्षेत्रों में नगर निगम के बड़े कूड़ेदान सड़क किनारे स्थित हैं और वर्षा काल में भारी दुर्गंध फैला रहे हैं। वहीं, वर्षा के पानी के साथ कूड़ेदान की गंदगी सड़कों पर बह रही है। यही नहीं कई स्थानों पर सड़कों के किनारे ही कूड़ा घर बना दिया गया है। देहराखास कालोनी में काली मंदिर के पास सड़क किनारे कूड़ा डंप किया जा रहा है।

 

यहां लगा है कूड़े का अंबार

वहीं, संस्कृति कॉलोनी और पंजाबी कॉलोनी के पास भी खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है। इसके अलावा शहर के कई क्षेत्रों में खाली प्लाट और फुटपाथ पर कूड़े के ढेर लगे हैं। नगर निगम की ओर से इस कूड़े को न तो हटाया जा रहा है और न ही कूड़ा फेंकने वालों के विरुद्ध कोई कार्रवाई की जा रही है। जबकि, नगर निगम के मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. अविनाश खन्ना ने खुले में कूड़ा फेंकने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही ऐसे स्थानों को चिन्हित कर वहां कर्मचारी तैनात करने को भी कहा।

 

इन इलाकों में बदबू से हाल-बेहाल

निर्देश के बाद भी छोटी बिंदाल, देहराखास नाला, कांवली रोड नाला समेत तमाम नालों में भी कूड़ा डंप किया जा रहा है। उधर, नगर आयुक्त मनुज गोयल ने वर्षाकाल में कूड़ेदानों से आ रही दुर्गंध को दूर करने के लिए ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव के निर्देश भी दिए, लेकिन कहीं भी कूड़ेदानों के आसपास ब्लीचिंग नहीं डाला जा रहा है।

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