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कांग्रेस के उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में महिलाओं पर किए जा रहे भरोसे से उत्तराखंड में भी नई उम्मीदें जगने लगी हैं

कांग्रेस के उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में महिलाओं पर किए जा रहे भरोसे से उत्तराखंड में भी नई उम्मीदें जगने लगी हैं। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में मातृशक्ति की भूमिका और सामाजिक सरोकारों से उनके जुड़ाव को देखते हुए कांग्रेस के भीतर महिलाओं को ज्यादा टिकट देने की मांग उठ रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि पार्टी इस मामले में गहन मंथन कर रही है। इस बारे में फैसला सामूहिक रूप से लिया जाएगा।संयुक्त उत्तर प्रदेश से अलग राज्य बने उत्तराखंड की सियासत पर पूर्व संयुक्त प्रदेश की सियासत असर दिखाती रही है। यह दीगर बात है कि उत्तरप्रदेश की तुलना में उत्तराखंड में कांग्रेस की स्थिति काफी मजबूत है। शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी का असर है। कांग्रेस अब तक दो बार प्रदेश की सत्ता पर काबिज रह चुकी है। 2022 की चुनावी तैयारी में जुटी कांग्रेस के उत्तर प्रदेश में उठाए जा रहे कदम से उत्तराखंड में भी दबाव महसूस किया जा रहा है। उत्तराखंड में भी पार्टी पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में महिलाओं को इस बार चुनाव में ज्यादा टिकट मिलने की उम्मीद बंध रही है। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरिता आर्य महिलाओं को ज्यादा टिकट की मांग कर चुकी हैं।

उत्तरप्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 40 फीसद महिलाओं को टिकट देने का इरादा जाहिर कर चुकी है। उत्तराखंड में भी प्रदेश महिला कांग्रेस तकरीबन हर चुनाव में महिलाओं को ज्यादा टिकट देने की पैरवी करती रही है। अब तक इस मांग को अनसुना ही किया गया है। अब उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भी कांग्रेस के रुख में बदलाव पर नजरें टिकी हैं। हालांकि अभी तक प्रदेश में कांग्रेस नेताओं की ओर से ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर खुलकर बात नहीं की गई है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पार्टी का यह फैसला अच्छा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी इस बारे में गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। प्रदेश संगठन इस बारे में समय-समय पर मंथन करता रहा है। कोशिश यही की जाएगी कि महिलाओं को अगले चुनाव में ज्यादा संख्या में टिकट मिलें। विधानसभा क्षेत्र में उनकी सक्रियता और संभावनाएं टिकट के लिए उनके चयन का आधार होंगी। हालांकि इस बारे में फैसला सभी बड़े नेताओं की मौजूदगी में सामूहिक रूप से लिया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि राज्य निर्माण में महिलाओं की अग्रणी भूमिका रही है। महिलाओं को चुनाव में ज्यादा प्रतिनिधित्व देने पर पार्टी विचार करेगी।

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