ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके गृहनगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। अमेरिकी और इजरायली हमलों में उनकी मौत के लगभग चार महीने बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई। अंतिम संस्कार के बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के वरिष्ठ कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी ने अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि इस हत्या का बदला लिया जाएगा।
वाहिदी ने अपने बयान में कहा कि खामेनेई की हत्या से “प्रतिरोध का झंडा” कभी झुकाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा दिलाना और “शहीदों का बदला” लेना ईरान की स्थायी और वैध मांग रहेगी।
खामेनेई की मौत फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में हुई थी। इसके बाद कई दिनों तक देशभर में शोक सभाएं और अंतिम दर्शन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। अंततः उन्हें गुरुवार को मशहद स्थित पवित्र स्थल पर दफनाया गया।
अंतिम संस्कार के साथ ही पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य गतिविधियां तेज हुई हैं। ईरान का आरोप है कि बुशहर और अन्य सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए, जबकि कुछ हमलों की जिम्मेदारी को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और सैन्य कार्रवाई से खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान की ओर से बदले की चेतावनी और लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के कारण आने वाले समय में क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और अधिक संवेदनशील हो सकती है।
