अमेरिका में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके कथित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। अमेरिकी ग्रैंड ज्यूरी ने गैंग के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें हत्या, रंगदारी, ड्रग्स तस्करी, अपहरण और मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
चार्जशीट के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई जेल में रहने के बावजूद मोबाइल फोन और इंटरनेट कॉलिंग के जरिए अपने गैंग का संचालन करता रहा। अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि गैंग का नेटवर्क भारत, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया तक फैला हुआ था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, गैंग सोशल मीडिया पर हिंसक घटनाओं की जिम्मेदारी लेकर लोगों में डर का माहौल बनाता था। आरोप है कि अमीर कारोबारियों और चर्चित लोगों को व्हाट्सऐप और वॉयस मैसेज के जरिए जान से मारने की धमकियां देकर करोड़ों रुपये की रंगदारी वसूली जाती थी।
चार्जशीट में दावा किया गया है कि गैंग अमेरिका और कनाडा तक कोकीन, हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी करता था। साथ ही दूसरे ड्रग्स गिरोहों से मादक पदार्थ लूटकर उन्हें बेचने के भी आरोप लगाए गए हैं।
जांच में यह भी आरोप है कि पंजाब के गरीब और नाबालिग युवाओं को पैसे और शोहरत का लालच देकर गैंग में शामिल किया जाता था। गैंग के भरोसेमंद सदस्यों को कथित तौर पर अमेरिका और कनाडा भेजा जाता था।
अमेरिकी एजेंसियों का कहना है कि गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा और अन्य सहयोगी विदेशों में गैंग की गतिविधियों को संचालित करते थे। चार्जशीट में अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के कई कारोबारियों से लाखों डॉलर की रंगदारी मांगने का भी उल्लेख है। अमेरिकी सरकार ने अदालत से गैंग की कथित आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी संपत्ति, नकदी और हथियार जब्त करने की मांग की है।
इससे पहले अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत कैलिफोर्निया समेत कई स्थानों पर छापेमारी कर 20 लोगों को हिरासत में लिया था। कार्रवाई के दौरान हथियार, प्रतिबंधित सामान और ड्रग्स बरामद किए गए। इसके अलावा गैंगस्टर गोल्डी बराड़ पर 50,000 डॉलर (करीब 43 लाख रुपये) का इनाम भी घोषित किया गया है।
