ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित किया। मार्वल स्टेडियम में हुए इस कार्यक्रम में 30 हजार से अधिक भारतीय मूल के लोग शामिल हुए।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी कर रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी का भी प्रबल दावेदार है। उन्होंने कहा कि भारत आज वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत संकट के समय किसी का पासपोर्ट नहीं देखता, बल्कि मानवता के आधार पर मदद करता है। उन्होंने कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने उस दौरान 100 से अधिक देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराई थी।
प्रधानमंत्री ने बताया कि यह पिछले 12 वर्षों में उनका ऑस्ट्रेलिया का तीसरा दौरा है। उन्होंने कहा कि इससे भारत और ऑस्ट्रेलिया के मजबूत होते रिश्तों का पता चलता है। कार्यक्रम में जब लोगों ने ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए तो उन्होंने कहा कि यह उनकी नहीं, बल्कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की दोस्ती की जीत है।
पीएम मोदी ने मेलबर्न में बसे भारतीय समुदाय की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि शहर के कई इलाकों में ‘लिटिल इंडिया’ और ‘मिनी इंडिया’ जैसी भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में भारतीय बाजारों की लगातार लगने वाली सेल का भी जिक्र किया।
उन्होंने ‘भजन क्लबिंग’ जैसे नए ट्रेंड का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की युवा पीढ़ी परंपरा और आधुनिकता को साथ लेकर चल रही है। वहीं ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के धार्मिक, सांस्कृतिक और खेल आयोजनों की भी उन्होंने प्रशंसा की।
कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने भी भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों के लोगों का उत्साह और ऊर्जा उनकी मजबूत साझेदारी का प्रतीक है। कार्यक्रम से पहले दोनों नेताओं ने भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की।
