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मेरठ में CGHS की एडिशनल डायरेक्टर और निजी सहायक रिश्वत लेते गिरफ्तार, CBI की बड़ी कार्रवाई

मेरठ। केंद्रीय जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) की मेरठ स्थित एडिशनल डायरेक्टर और उनके निजी सहायक को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

सीबीआई के अनुसार, 30 अप्रैल को दर्ज किए गए मामले में आरोप लगाया गया था कि एक कर्मचारी का तबादला मुरादाबाद से मेरठ कराने के बदले 80,000 रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने जाल बिछाया और कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने 50,000 रुपये लेने पर सहमति जताई।

जांच के दौरान निजी सहायक को एडिशनल डायरेक्टर की ओर से शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। इसके बाद सीबीआई ने दोनों आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

इसी बीच, सीबीआई ने हाल ही में एक अन्य भ्रष्टाचार के मामले में भी कार्रवाई की है, जिसमें 2014 बैच के आईआरएस अधिकारी विकास पाल का नाम सामने आया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक कारोबारी की ज्वेलरी कंपनी के बैंक खाते ‘डीफ्रीज’ कराने के बदले 250 ग्राम सोने के सिक्कों की मांग की थी।

यह मामला चेन्नई से जुड़ा बताया गया है, जहां उस समय विकास पाल तैनात थे। वर्तमान में वह केंद्रीय जीएसटी, नोएडा (अपील) में उपायुक्त के पद पर कार्यरत हैं।

सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार, यह शिकायत वर्ष 2021 में आलय ज्वेल इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक एस. श्रीगंथ द्वारा दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि विकास पाल ने अपने कथित सहयोगी मोहम्मद सबाहुद्दीन के जरिए रिश्वत की मांग की।

लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बीच सीबीआई की कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाती है। एजेंसी का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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