केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों किसानों को बड़ी राहत देते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला किया है। केंद्रीय कैबिनेट ने इस योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। सरकार ने इस अवधि के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया है, जिससे पात्र किसान परिवारों को पहले की तरह नियमित आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में शुरू की गई इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है। किस्तों का समय फसल चक्र के अनुरूप निर्धारित किया जाता है, ताकि किसानों को बुवाई और खेती की तैयारी के दौरान समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।
सरकार के अनुसार, अगले पांच वर्षों में इस योजना पर 3,15,614 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे किसानों को खेती से जुड़े आवश्यक खर्चों, जैसे बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री की खरीद के लिए समय पर धन उपलब्ध होगा। सरकार का मानना है कि इससे किसानों की नकदी संबंधी समस्याएं कम होंगी और उन्हें ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेने की आवश्यकता भी कम पड़ेगी।
सरकार ने बताया कि इस योजना का सबसे अधिक लाभ छोटे और सीमांत किसानों को मिलता है। अब तक पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 23 किस्तों के माध्यम से 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे लाखों किसान परिवारों को खेती की लागत वहन करने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में मदद मिली है।
सरकार का दावा है कि नीति आयोग के आकलन के अनुसार इस योजना से किसानों की आय में सुधार हुआ है और उनकी अनौपचारिक स्रोतों से कर्ज लेने की निर्भरता भी कम हुई है। ऐसे में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला कृषि क्षेत्र और करोड़ों अन्नदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण और राहतभरा कदम माना जा रहा है।
