तेहरान/वॉशिंगटन। ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच अब युद्ध की लागत को लेकर नई बहस छिड़ गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरगची ने अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन पर युद्ध खर्च को लेकर ‘झूठ बोलने’ का आरोप लगाया है।
अरगची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि पेंटागन वास्तविक आंकड़े छिपा रहा है। उन्होंने दावा किया कि यह युद्ध अब तक अमेरिका को 100 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान पहुंचा चुका है, जो आधिकारिक दावों से कई गुना ज्यादा है।
उन्होंने बेंजामिन नेतन्याहू की नीतियों का जिक्र करते हुए इसे “जुआ” बताया और कहा कि इसका बोझ अमेरिकी करदाताओं पर पड़ रहा है। अरगची के अनुसार, हर अमेरिकी परिवार पर औसतन 500 डॉलर प्रति माह का अप्रत्यक्ष खर्च आ रहा है।
वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने हाल ही में संसद की हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी में कहा था कि ईरान के खिलाफ अभियान में अब तक लगभग 25 अरब डॉलर खर्च हुए हैं। इस राशि में मुख्य रूप से हथियारों और सैन्य उपकरणों के रखरखाव का खर्च शामिल है।
डेमोक्रेटिक नेताओं और कई अर्थशास्त्रियों का मानना है कि युद्ध की वास्तविक लागत इससे कहीं अधिक हो सकती है। उनके अनुसार कुल खर्च 630 अरब डॉलर से लेकर 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
इस बीच ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने भी अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि ईरान की भौगोलिक स्थिति और सीमाएं इतनी विस्तृत हैं कि उसे पूरी तरह घेरना आसान नहीं है।
दोनों देशों के बीच न सिर्फ सैन्य और रणनीतिक स्तर पर तनाव जारी है, बल्कि अब युद्ध की वास्तविक लागत को लेकर भी बयानबाजी तेज हो गई है। अलग-अलग दावों के बीच यह स्पष्ट है कि इस संघर्ष का आर्थिक प्रभाव वैश्विक स्तर पर भी गहराता जा रहा है।

