जनगणना ड्यूटी के दौरान एक सहायक अध्यापिका पर रॉटविलर नस्ल के कुत्ते ने हमला कर दिया। घटना इंद्रानगर क्षेत्र में मलिक चौक के पास रविवार शाम की है, जहां प्राथमिक विद्यालय पंडितवाड़ी में तैनात सहायक अध्यापिका आशा भंडारी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
जानकारी के अनुसार, आशा भंडारी शाम करीब पांच बजे जनगणना कार्य के सिलसिले में एक आवासीय परिसर में पहुंची थीं। उन्होंने गेट खटखटाकर आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद जैसे ही उन्होंने गेट हल्का सा खोला, भीतर मौजूद रॉटविलर कुत्ता अचानक उन पर झपट पड़ा। कुत्ते ने उनके दाहिने हाथ पर बुरी तरह काट लिया।
शिक्षिका की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और घर के सदस्य मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्ते को काबू में किया। हालांकि तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थीं। घटना के तुरंत बाद सुपरवाइजर को सूचना दी गई, जिसके बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
घर के मालिक से कुत्ते के वैक्सीनेशन कार्ड और लाइसेंस की जानकारी मांगी गई। बताया गया कि वैक्सीनेशन कार्ड तो दिखाया गया, लेकिन उसमें दर्ज टीकाकरण की एंट्रियां काफी पुरानी थीं। वहीं लाइसेंस होने का दावा किया गया, लेकिन मौके पर उसे प्रस्तुत नहीं किया गया। घर के बाहर भी कुत्ते से संबंधित कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगा था और कुत्ता खुला घूम रहा था।
घायल शिक्षिका को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार और मरहम-पट्टी की गई। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
इस घटना को लेकर उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने कड़ी नाराजगी जताई है। संघ के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र रावत ने कहा कि जनगणना और बीएलओ ड्यूटी में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा प्रावधान किए जाएं।
संघ ने यह भी सवाल उठाया कि रॉटविलर जैसी खतरनाक नस्ल के कुत्ते बिना अद्यतन वैक्सीनेशन और वैध लाइसेंस के कैसे पाले जा रहे हैं। साथ ही घायल शिक्षिका के इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किए जाने की मांग की गई है।
धर्मेंद्र रावत ने कहा कि शिक्षक छुट्टी के दिन भी पूरी निष्ठा के साथ जनगणना और बीएलओ का कार्य कर रहे हैं, लेकिन अब उनकी सुरक्षा पर ही खतरा मंडराने लगा है।

