Narendra Modi ने नॉर्वे की राजधानी Oslo में नॉर्वे के प्रधानमंत्री Jonas Gahr Støre के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद कहा कि यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों का समाधान केवल सैन्य कार्रवाई से संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि स्थायी शांति के लिए संवाद और कूटनीति ही सबसे प्रभावी रास्ता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे दोनों नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था, शांतिपूर्ण समाधान और कूटनीतिक प्रयासों में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा, “चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, हम संघर्ष की जल्द समाप्ति और शांति के लिए किए जा रहे हर प्रयास का समर्थन जारी रखेंगे।”
नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने वैश्विक संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाना जरूरी है।
उन्होंने आतंकवाद के मुद्दे पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि आतंकवाद को उसके हर रूप में समाप्त करना दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता है।
पीएम मोदी ने पिछले वर्ष Pahalgam Terror Attack के बाद भारत के समर्थन में खड़े होने के लिए नॉर्वे का आभार व्यक्त किया। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।
उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में नॉर्वे ने भारत के साथ एक सच्चे मित्र की तरह एकजुटता दिखाई। पीएम मोदी ने भारत की ‘हिंद-प्रशांत महासागर पहल’ में नॉर्वे के शामिल होने के फैसले की भी सराहना की।
इस दौरान Narendra Modi को नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान नॉर्वे के हितों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है।
यह प्रधानमंत्री मोदी को मिला 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। इससे पहले उन्हें Sweden के प्रतिष्ठित ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ सम्मान से भी नवाजा गया था।
प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली नॉर्वे यात्रा है और पिछले 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की पहली आधिकारिक यात्रा मानी जा रही है।

