देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार, 7 अगस्त को हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। मंत्रिमंडल ने कुल 15 प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें सामान्य वर्ग के लोगों को भी गौ पालन योजना का लाभ देने, श्रमिकों को हर महीने की 7 तारीख तक वेतन भुगतान सुनिश्चित करने, हल्द्वानी में हाईकोर्ट परिसर के लिए करीब 30 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित करने और गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तार देने जैसे अहम निर्णय शामिल हैं।
धामी कैबिनेट ने गौ पालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब सामान्य वर्ग के लोगों को भी योजना का लाभ देने का फैसला किया है। योजना के तहत अधिकतम दो पशु लिए जा सकेंगे और पात्र लाभार्थियों को 75 फीसदी तक सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है।
कैबिनेट ने उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली, 2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों का संरक्षण किया जाएगा। नियोक्ता को हर महीने की 7 तारीख तक मजदूरी का भुगतान करना होगा। वेतन का भुगतान डिजिटल माध्यम से किए जाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
इसके अलावा पुरुष और महिला श्रमिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने का प्रावधान किया गया है।
कैबिनेट ने हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में हाईकोर्ट परिसर के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी। उपलब्ध करीब 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकता के अनुसार लगभग 30 हेक्टेयर भूमि हाईकोर्ट परिसर के लिए हस्तांतरित की जाएगी।
इस भूमि पर मुख्य न्यायालय भवन, न्यायाधीशों के आवास, अधिवक्ता चैंबर, पार्किंग और प्रशासनिक कार्यालय बनाए जाने प्रस्तावित हैं।
हल्द्वानी के गौलापार में स्थापित किए जा रहे उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 122 पदों के सृजन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। प्रदेश के इस पहले खेल विश्वविद्यालय को करीब 90 एकड़ भूमि में विकसित किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य मिशन ओलंपिक 2036 के अनुरूप विश्वस्तरीय खिलाड़ियों को तैयार करना और उत्तराखंड को खेलों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के बीच मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार को लेकर समझौता ज्ञापन तैयार करने को मंजूरी दी है।
इस विस्तार से हरिद्वार की प्रयागराज और उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इससे धार्मिक पर्यटन, तेज आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की संरचना में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति का उद्देश्य नए ईको टूरिज्म हब विकसित करना और एकीकृत ट्रेकिंग एवं पर्वतारोहण नीति तैयार करना है।
वन क्षेत्रों में उपलब्ध जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक संसाधनों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जाएगा।
वन विकास निगम की सेवा नियमावली में संशोधन
कैबिनेट ने उत्तराखंड वन विकास निगम सेवा (संशोधन) विनियमावली, 2026 को मंजूरी दी। इसके तहत निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों की सेवा शर्तों, भर्ती प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किया जाएगा। स्केलर पद के लिए 100 अंकों की परीक्षा का प्रावधान भी किया गया है।
अन्य प्रमुख फैसले
कैबिनेट बैठक में इसके अलावा कई अन्य प्रस्तावों को मंजूरी दी गई—
उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को मंजूरी।
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों के लिए नई नियमावली को मंजूरी।
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति छात्रावासों के संचालन के लिए 2026 की नियमावली स्वीकृत।
जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल योजनाओं की कमीशनिंग और ग्राम पंचायतों/ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को योजनाओं के हस्तांतरण के लिए प्रोटोकॉल मंजूर।
उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली में संशोधन कर कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति को सदस्य बनने का रास्ता साफ किया गया।
उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली, 2026 को मंजूरी, जिससे नियोक्ता और कर्मकार के बीच संबंध बेहतर करने तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था होगी।
छंटनी किए गए कर्मचारियों को दोबारा अवसर देने से संबंधित प्रावधानों को मंजूरी।
बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के लिए सहायता कोष नियमावली में संशोधन।
श्रम और औद्योगिक संबंधों से जुड़े नियमों को आधुनिक बनाने के लिए नए प्रावधानों को मंजूरी।
कुल मिलाकर, धामी कैबिनेट के फैसलों में किसानों-पशुपालकों, श्रमिकों, छात्रों, खिलाड़ियों, यात्रियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर खास जोर दिखाई दिया है।
