कोलंबिया में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद एक ऐसा रेस्क्यू ऑपरेशन सामने आया है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। 7.4 तीव्रता के भूकंप के बाद कैली शहर में एक इमारत ढह गई थी। इसके मलबे में एक नवजात बच्चा फंस गया था। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान लोगों को जब बच्चे के मलबे में दबे होने की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत उसे बचाने के लिए अभियान शुरू किया।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ लोग गिरी हुई इमारत के मलबे को अपने हाथों से हटाते नजर आ रहे हैं। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने बच्चे को जिंदा बाहर निकाल लिया। बच्चे के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने खुशी जाहिर की।
CBS News की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार रात ब्रायन ओसोरियो जुलुआगा की ओर से फेसबुक पर पोस्ट किए गए वीडियो में कैली में लोगों को मलबा हटाते हुए देखा जा सकता है। बचाव के दौरान लोगों ने मलबे में दबे एक व्यक्ति से पूछा कि क्या वह अकेला है।
जवाब में उस व्यक्ति ने धीमी आवाज में कहा, “मेरे साथ एक बच्चा है।”
यह सुनते ही बचाव में जुटे लोग और तेजी से मलबा हटाने लगे।
मलबा हटाने के दौरान अचानक अंदर से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद बचावकर्मियों और स्थानीय लोगों ने बेहद सावधानी से मलबा हटाया और नवजात को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी।
वीडियो में एक व्यक्ति बच्चे को अपनी बाहों में पकड़े हुए दिखाई देता है। उसके हाथ खून से सने नजर आते हैं, जबकि उसके शरीर का निचला हिस्सा अभी भी मलबे में फंसा हुआ था। कुछ देर की मशक्कत के बाद बच्चे को पूरी तरह बाहर निकाल लिया गया।
नवजात के सुरक्षित बाहर निकलते ही मौके पर मौजूद लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने राहत की सांस ली और खुशी से आवाजें लगाईं। इसके बाद पैरामेडिक्स को बुलाया गया, ताकि बच्चे की मेडिकल जांच और जरूरी उपचार किया जा सके।
बचावकर्मियों ने उस व्यक्ति को भी मलबे से बाहर निकालने में मदद की, जो बच्चे को पकड़े हुए था।
कोलंबिया में 10 अगस्त को 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इसके झटके पड़ोसी देशों में भी महसूस किए गए। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप से अब तक 181 लोगों की मौत और 2,595 लोगों के घायल होने की खबर है।
इस बीच मलबे से नवजात के जिंदा निकलने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। रेस्क्यू अभियान में शामिल जुलुआगा ने वीडियो पोस्ट करते हुए बताया कि वह उन लोगों में शामिल थे जो घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे और अन्य लोगों को बचाने में भी मदद की।
