दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार को आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। पश्चिमी कोलंबिया में आए 7.4 तीव्रता के भूकंप के झटके पड़ोसी देश इक्वाडोर तक महसूस किए गए। भूकंप के बाद लोग घबराकर घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। कई इमारतों के क्षतिग्रस्त और ढहने की खबर है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, मृतकों की संख्या बढ़कर 111 हो गई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं और राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
सैन होजे डेल पाल्मार के पास था केंद्र
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र सैन होजे डेल पाल्मार के पास था। भूकंप काफी गहराई में आया, लेकिन इसकी तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि पश्चिमी और मध्य कोलंबिया के कई हिस्सों में तेज झटके महसूस किए गए। राजधानी बोगोटा समेत कई इलाकों में लोगों को इमारतों से बाहर निकलना पड़ा।
इमारतें गिरीं, मलबे में फंसे लोगों की तलाश
भूकंप के कारण कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है और कुछ ढह भी गईं। मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते बचाव दल लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, नुकसान का आकलन अभी जारी है और मृतकों एवं घायलों की संख्या में बदलाव हो सकता है।
राष्ट्रपति ने संभाली राहत अभियान की कमान
कोलंबिया के राष्ट्रपति एबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने भूकंप के बाद सैन होजे डेल पाल्मार में आपातकालीन प्रतिक्रिया की कमान संभालने की बात कही है। उन्होंने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ है और राहत कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।
कोलंबिया में पहले भी आ चुके हैं शक्तिशाली भूकंप
कोलंबिया भूकंपीय गतिविधियों वाले क्षेत्र में स्थित है। देश में छोटे झटके अक्सर महसूस किए जाते हैं, लेकिन 6 से अधिक तीव्रता वाले भूकंप अपेक्षाकृत कम आते हैं। 1999 में अर्मेनिया शहर के पास 6.2 तीव्रता के भूकंप में 1,100 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
वहीं, सोमवार का 7.4 तीव्रता वाला भूकंप पिछले कई वर्षों में देश में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में शामिल है।
भूकंप की तीव्रता कैसे मापी जाती है?
भूकंप की तीव्रता को आमतौर पर रिक्टर स्केल के संदर्भ में बताया जाता है, हालांकि आधुनिक वैज्ञानिक रिपोर्टिंग में स्थानीय और बड़े भूकंपों के लिए मोमेंट मैग्नीट्यूड (Mw) का इस्तेमाल अधिक किया जाता है। भूकंप जितना शक्तिशाली होता है, उससे होने वाली क्षति उतनी ही अधिक हो सकती है, लेकिन नुकसान केवल तीव्रता पर निर्भर नहीं करता। भूकंप की गहराई, केंद्र से दूरी, इमारतों की मजबूती और स्थानीय भूगर्भीय परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
