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ईरान का नया एयर डिफेंस सिस्टम ‘अराश-ए-कामंगीर’ क्या है? जिसने कथित तौर पर अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को अपने नए एयर डिफेंस सिस्टम ‘अराश-ए-कामंगीर’ (Arash-e-Kamangir) की मदद से मार गिराया है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह दावा सही साबित होता है तो यह ईरान की बदलती हवाई रक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।

क्या है अराश-ए-कामंगीर?

‘अराश-ए-कामंगीर’ का नाम फारसी पौराणिक कथाओं के प्रसिद्ध योद्धा अराश के नाम पर रखा गया है। लोककथाओं के अनुसार अराश ने एक तीर चलाकर ईरान और मध्य एशिया के बीच की सीमा निर्धारित की थी। ईरानी मीडिया के अनुसार यह एक स्वदेशी, मोबाइल और अपेक्षाकृत कम लागत वाला एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे विशेष रूप से ड्रोन और निगरानी विमानों को निशाना बनाने के लिए विकसित किया गया है।

MQ-9 रीपर को गिराने का दावा

ईरान का कहना है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट केश्म द्वीप के पास एक अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को इंटरसेप्ट किया। MQ-9 रीपर अमेरिका का अत्याधुनिक निगरानी और स्ट्राइक ड्रोन है, जिसकी कीमत लगभग 30 से 34 मिलियन डॉलर तक बताई जाती है। अमेरिकी पक्ष ने इस विशेष दावे की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह दावा?

विशेषज्ञों के अनुसार ईरान लंबे समय तक रूस निर्मित S-300 और अपने बावर-373 तथा खोरदाद-15 जैसे बड़े एयर डिफेंस सिस्टम पर निर्भर रहा। लेकिन हाल के वर्षों में उसने छोटे, अधिक मोबाइल और कम लागत वाले एयर डिफेंस नेटवर्क विकसित करने पर जोर दिया है। इसका उद्देश्य ऐसे सिस्टम तैयार करना है जिन्हें आसानी से तैनात किया जा सके और दुश्मन के लिए पहचानना तथा नष्ट करना कठिन हो।

नई रणनीति की झलक

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ‘अराश-ए-कामंगीर’ संभवतः कोई पूरी तरह नया क्रांतिकारी हथियार नहीं, बल्कि ईरान की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह छोटे, मोबाइल और लचीले एयर डिफेंस सिस्टम विकसित कर रहा है। यह रणनीति पश्चिमी देशों की अत्याधुनिक वायु शक्ति का सीधे मुकाबला करने के बजाय उसे चुनौती देने और उसकी लागत बढ़ाने पर आधारित है।

निष्कर्ष

ईरान का दावा अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है, लेकिन इसने दुनिया का ध्यान उसके नए एयर डिफेंस सिस्टम की ओर जरूर आकर्षित किया है। यदि ‘अराश-ए-कामंगीर’ वास्तव में MQ-9 रीपर जैसे उन्नत ड्रोन को मार गिराने में सक्षम साबित होता है, तो यह मध्य पूर्व के बदलते सैन्य समीकरणों में एक महत्वपूर्ण विकास माना जाएगा।

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