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कमबैक पर छलका मयंक यादव का दर्द, बोले- खुद को मोटिवेट रखना सबसे मुश्किल था

हरारे स्पोर्ट्स क्लब में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए पहले टी20 मुकाबले में भारतीय तेज गेंदबाज मयंक यादव ने शानदार वापसी करते हुए अपनी तेज रफ्तार गेंदबाजी से सभी का ध्यान खींचा। लंबे समय तक चोट और फिटनेस समस्याओं से जूझने के बाद टीम इंडिया में लौटे मयंक ने मैच की पहली ही गेंद पर विकेट लेकर अपने कमबैक को यादगार बना दिया।

मयंक यादव ने अपने चार ओवर के स्पेल में महज 18 रन देकर 2 विकेट झटके और शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। मैच के बाद उन्होंने अपने मुश्किल दौर को याद करते हुए कहा कि पिछले दो साल उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण रहे।

उन्होंने कहा, “खुद को मोटिवेटेड रखना बहुत मुश्किल था। लगभग दो साल का यह अंतराल मेरे लिए बेहद कठिन रहा। उस समय चीजें मेरे पक्ष में नहीं थीं। मैं सिर्फ 22-23 साल का था और इतनी कम उम्र में काफी कुछ झेलना पड़ा। ऐसे समय में खुद को लगातार प्रेरित रखना आसान नहीं था। देश के लिए दोबारा खेलने की इच्छा ही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा बनी।”

आईपीएल 2024 में अपनी 150 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार वाली गेंदों से सुर्खियां बटोरने वाले मयंक यादव को जल्द ही भारतीय टीम में जगह मिल गई थी। हालांकि, लगातार बैक इंजरी और फिटनेस संबंधी परेशानियों के कारण वह लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहे। आईपीएल 2026 में भी वह केवल चार मुकाबले ही खेल सके थे।

जिम्बाब्वे के खिलाफ इस मैच में पहली ही गेंद पर विकेट लेने के साथ मयंक ने एक खास उपलब्धि भी अपने नाम दर्ज कर ली। यह दूसरी बार है जब उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में पारी की पहली गेंद पर विकेट हासिल किया। इससे पहले उन्होंने 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ भी यही कारनामा किया था।

इसके साथ ही मयंक यादव भारत के केवल चौथे गेंदबाज बन गए हैं जिन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो या उससे अधिक बार पारी की पहली गेंद पर विकेट लिया है। इस सूची में भुवनेश्वर कुमार तीन बार, जबकि हार्दिक पांड्या, अर्शदीप सिंह और अब मयंक यादव दो-दो बार यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।

मयंक यादव की यह दमदार वापसी भारतीय टीम के लिए राहत की खबर है। यदि वह अपनी फिटनेस बरकरार रखते हैं, तो आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण को नई धार मिल सकती है।

कमबैक पर छलका मयंक यादव का दर्द, बोले- खुद को मोटिवेट रखना सबसे मुश्किल था

हरारे स्पोर्ट्स क्लब में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए पहले टी20 मुकाबले में भारतीय तेज गेंदबाज मयंक यादव ने शानदार वापसी करते हुए अपनी तेज रफ्तार गेंदबाजी से सभी का ध्यान खींचा। लंबे समय तक चोट और फिटनेस समस्याओं से जूझने के बाद टीम इंडिया में लौटे मयंक ने मैच की पहली ही गेंद पर विकेट लेकर अपने कमबैक को यादगार बना दिया।

मयंक यादव ने अपने चार ओवर के स्पेल में महज 18 रन देकर 2 विकेट झटके और शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। मैच के बाद उन्होंने अपने मुश्किल दौर को याद करते हुए कहा कि पिछले दो साल उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण रहे।

उन्होंने कहा, “खुद को मोटिवेटेड रखना बहुत मुश्किल था। लगभग दो साल का यह अंतराल मेरे लिए बेहद कठिन रहा। उस समय चीजें मेरे पक्ष में नहीं थीं। मैं सिर्फ 22-23 साल का था और इतनी कम उम्र में काफी कुछ झेलना पड़ा। ऐसे समय में खुद को लगातार प्रेरित रखना आसान नहीं था। देश के लिए दोबारा खेलने की इच्छा ही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा बनी।”

आईपीएल 2024 में अपनी 150 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार वाली गेंदों से सुर्खियां बटोरने वाले मयंक यादव को जल्द ही भारतीय टीम में जगह मिल गई थी। हालांकि, लगातार बैक इंजरी और फिटनेस संबंधी परेशानियों के कारण वह लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहे। आईपीएल 2026 में भी वह केवल चार मुकाबले ही खेल सके थे।

जिम्बाब्वे के खिलाफ इस मैच में पहली ही गेंद पर विकेट लेने के साथ मयंक ने एक खास उपलब्धि भी अपने नाम दर्ज कर ली। यह दूसरी बार है जब उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में पारी की पहली गेंद पर विकेट हासिल किया। इससे पहले उन्होंने 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ भी यही कारनामा किया था।

इसके साथ ही मयंक यादव भारत के केवल चौथे गेंदबाज बन गए हैं जिन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो या उससे अधिक बार पारी की पहली गेंद पर विकेट लिया है। इस सूची में भुवनेश्वर कुमार तीन बार, जबकि हार्दिक पांड्या, अर्शदीप सिंह और अब मयंक यादव दो-दो बार यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।

मयंक यादव की यह दमदार वापसी भारतीय टीम के लिए राहत की खबर है। यदि वह अपनी फिटनेस बरकरार रखते हैं, तो आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण को नई धार मिल सकती है।

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