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हरेला पर मुख्यमंत्री धामी ने अल्मोड़ा से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, जागेश्वर क्षेत्र के लिए कीं कई बड़ी घोषणाएं

अल्मोड़ा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद अल्मोड़ा के गरुड़ाबाज मैदान में हरेला पर्व के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय ‘एक पेड़ माँ के नाम’ वृहद पौधारोपण कार्यक्रम तथा ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और प्रदेशवासियों से प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया, जहां लोगों ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकारी सेवाओं का लाभ भी प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति आस्था, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यदि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाए तो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और हरित पर्यावरण दिया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्ध जागेश्वर और जागेश्वर धाम में पूजा-अर्चना कर उन्हें आध्यात्मिक ऊर्जा और नई प्रेरणा मिली है। उन्होंने कहा कि यही ऊर्जा उन्हें प्रदेशवासियों की सेवा के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक पहचान और परंपराओं के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और नकल विरोधी कानून लागू कर उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया है तथा युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियों में अवसर मिले हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार के ‘सेवा, सुशासन और समर्पण’ के पांच वर्ष पूरे होने पर प्रदेशभर में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान चलाया जा रहा है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महत्व और बौद्धिक परंपरा के लिए देशभर में विशेष पहचान रखता है। राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और स्थानीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं—

वृद्ध जागेश्वर का समग्र विकास कराया जाएगा।
वृद्ध जागेश्वर मंदिर तक पेयजल योजना विकसित की जाएगी।
ऐरावत गुफा, जटा गंगा उद्गम स्थल, कोटिलिंग, शिव पाव और आरतोला से जागेश्वर तक स्थित मंदिरों का पर्यटन की दृष्टि से समग्र विकास किया जाएगा।
आरतोला के पास राज्य अतिथि गृह का निर्माण होगा।
जागेश्वर, वृद्ध जागेश्वर और आरतोला क्षेत्र में नए मोबाइल टावर लगाए जाएंगे।
आरतोला की पार्किंग को मल्टी-लेवल पार्किंग में विकसित किया जाएगा।
आरतोला-जागेश्वर सड़क पर आरसीसी नालियां और सड़क के शोल्डर को पक्का किया जाएगा, जिससे बिना पेड़ों की कटाई के यातायात क्षमता बढ़ाई जा सके।
दन्या डिग्री कॉलेज में एमए की कक्षाएं शुरू की जाएंगी।
अन्य वक्ताओं ने भी किया संबोधित

कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सड़क, रेल, डिजिटल कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य ने पिछले पांच वर्षों में सतत विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है तथा हरेला पर्व जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी अभियान बन चुका है।

कार्यक्रम में विधायक मोहन सिंह मेहरा, विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैड़ा, मेयर अजय वर्मा, प्रमुख वन संरक्षक कपिल लाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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