नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के बीच प्रस्तावित सीमित ओवरों की क्रिकेट सीरीज को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। दोनों देशों के बीच सितंबर 2026 में तीन वनडे और तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज प्रस्तावित है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और दोनों देशों के संबंधों में आई तल्खी के कारण इस दौरे पर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस बीच बांग्लादेश सरकार ने उम्मीद जताई है कि तमाम परिस्थितियों के बावजूद टीम इंडिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बांग्लादेश का दौरा करेगी। बांग्लादेश के युवा एवं खेल राज्य मंत्री अमीनुल हक ने कहा कि उनकी सरकार भारतीय टीम के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। उनका मानना है कि खेल दोनों देशों के बीच बेहतर संबंध बनाने का माध्यम बन सकता है और क्रिकेट के जरिए मौजूदा दूरियों को कम किया जा सकता है।
गौरतलब है कि भारतीय टीम का यह दौरा पहले वर्ष 2025 में प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इसे स्थगित कर सितंबर 2026 के लिए तय किया गया। अब सितंबर नजदीक है, लेकिन दोनों क्रिकेट बोर्डों की ओर से कार्यक्रम को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। ऐसे में सीरीज के आयोजन को लेकर अटकलों का दौर जारी है।
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे इस वर्ष की शुरुआत में आयोजित आईसीसी टी20 विश्व कप भी एक अहम कारण माना जा रहा है। भारत में आयोजित इस टूर्नामेंट के दौरान बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने अपनी टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया था। आईसीसी की ओर से स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए गए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। परिणामस्वरूप बांग्लादेश टूर्नामेंट से बाहर हो गया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को प्रतियोगिता में शामिल किया गया।
इसी के बाद से यह चर्चा तेज हो गई कि भारत भी बांग्लादेश दौरे पर पुनर्विचार कर सकता है। इन अटकलों को तब और बल मिला, जब जुलाई की शुरुआत में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भारत के खिलाफ होने वाली सीरीज के मीडिया राइट्स बेचने की प्रक्रिया शुरू करने के बाद अचानक उसे रोक दिया। इस फैसले ने क्रिकेट जगत में यह सवाल खड़ा कर दिया कि कहीं सीरीज के आयोजन पर ही संकट तो नहीं आ गया है।
सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने एक आंतरिक जांच समिति भी गठित की है, जो यह पता लगाएगी कि टी20 विश्व कप के दौरान भारत जाने से इनकार करने की परिस्थितियां क्या थीं और उस फैसले के पीछे कौन-कौन से कारण जिम्मेदार थे। माना जा रहा है कि समिति की रिपोर्ट भविष्य में दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों को प्रभावित कर सकती है।
फिलहाल बीसीसीआई ने इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है। यदि दोनों क्रिकेट बोर्डों के बीच किसी स्तर पर बातचीत चल रही है तो उसकी कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। सितंबर का महीना करीब आने के साथ अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें दोनों बोर्डों के अगले फैसले पर टिकी हैं। जब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक भारत के बांग्लादेश दौरे को लेकर संशय बना रहेगा, जबकि बांग्लादेश अब भी इस सीरीज के आयोजन को लेकर आशान्वित नजर आ रहा है।
