नई दिल्ली। देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) General N. S. Raja Subramani ने 31 मई 2026 को पदभार ग्रहण करने के बाद अपना पहला संबोधन दिया। अपने संबोधन में उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय, सैन्य आधुनिकीकरण, स्वदेशीकरण और नवाचार को भविष्य की रणनीति का आधार बताया।
जनरल राजा सुब्रमणि ने अपने संबोधन की शुरुआत देश के पहले सीडीएस General Bipin Rawat को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की। साथ ही उन्होंने पूर्व सीडीएस General Anil Chauhan के नेतृत्व और योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। सेना के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने कहा कि विचार और क्रिया में नवाचार क्षमता विकास को गति देगा और भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने में मदद करेगा।
नए सीडीएस ने सेना, उद्योग, शिक्षा जगत, स्टार्टअप्स और अनुसंधान संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक सैन्य शक्ति के निर्माण में तकनीकी नवाचार और स्वदेशी रक्षा उत्पादन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
जनरल राजा सुब्रमणि ने सैन्य जवानों और अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि उनके विकास और सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने वीर सैनिकों के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनका साहस और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
उन्होंने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के कल्याण के प्रति भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही देशवासियों को आश्वस्त किया कि भारतीय सशस्त्र बल समर्पण, साहस, सम्मान और पेशेवर दक्षता के साथ राष्ट्र सेवा के अपने दायित्व का निर्वहन करते रहेंगे।
मुख्य बिंदु:
- जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने देश के नए CDS के रूप में पदभार संभाला।
- तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और संयुक्त संचालन पर जोर।
- सैन्य आधुनिकीकरण, स्वदेशीकरण और तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता।
- सेना, उद्योग, शिक्षा और स्टार्टअप्स के सहयोग को बताया आवश्यक।
- जवानों, अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता जताई।
- ‘थिएटराइजेशन’ प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली विकसित करने पर विशेष फोकस।
