देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता और संभावित आपदा को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान ने गुरुवार को आपदा कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर तैयारियों, संचार व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहे और किसी भी आपात सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को पूरी तरह सक्रिय रखने और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी निर्माणदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के कारण खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित और सुगम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी सड़क पर गड्ढे या असुरक्षित स्थिति नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विभागीय लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना होती है तो संबंधित अधिकारी और संस्था की जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान डीएम ने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित स्टोन क्रशरों का सत्यापन करने के निर्देश दिए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि वर्तमान में कोई अवैध संचालन या नदियों में खनन गतिविधि न हो।
उन्होंने याद दिलाया कि 1 जुलाई से 30 सितंबर तक नदियों में किसी भी प्रकार का खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस अवधि में खनिज परिवहन करते हुए कोई वाहन पकड़े जाने पर उसे जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम आशीष चौहान ने नदी किनारे स्थित पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलस्तर बढ़ने या किसी आपदा की स्थिति में लोगों को समय रहते सतर्क करने के लिए वार्निंग सायरन और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली उन गर्भवती महिलाओं की पहचान की जाए, जिनकी अगले 7 से 10 दिनों के भीतर डिलीवरी संभावित है। ऐसी महिलाओं को पहले से ही सुरक्षित स्थान या अस्पताल के नजदीक ठहराने की व्यवस्था की जाए, ताकि आपात स्थिति में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
देहरादून और ऋषिकेश नगर निगम सहित सभी नगर निकायों को नियमित फॉगिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराने और जहां स्ट्रीट लाइट नहीं हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर नई लाइटें लगाने के आदेश भी दिए गए हैं, ताकि बरसात के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जिला प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी-नालों के किनारे जाने से बचें, मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दें।
