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खेल महाकुम्भ-2026 का आगाज, चम्पावत से मुख्यमंत्री धामी ने किया शुभारम्भ; खिलाड़ियों को मिलेगा 4% आरक्षण का लाभ

टनकपुर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत के स्व. कैलाश चन्द्र गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम, टनकपुर में ‘खेल महाकुम्भ-मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी-2026’ का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट खिलाड़ी गहना महर को मशाल सौंपकर प्रतियोगिता की शुरुआत की। इस दौरान खिलाड़ियों ने अनुशासन, निष्पक्षता और खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने की शपथ ली। खिलाड़ियों ने योगासन के साथ उत्तराखंड के पारंपरिक खेल ‘मुर्गा झपट’ का प्रदर्शन भी किया।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशभर से आए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल महाकुम्भ गांवों में छिपी खेल प्रतिभाओं को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। सरकार का प्रयास है कि संसाधनों और उचित मंच के अभाव में कोई भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी पीछे न रह जाए।

खेल सिखाते हैं अनुशासन और संघर्ष

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं। खेलों से अनुशासन, आत्मविश्वास और संघर्ष की भावना विकसित होती है। खिलाड़ी हार के बाद दोबारा उठकर आगे बढ़ने का साहस सीखते हैं। स्वस्थ शरीर के साथ मजबूत चरित्र और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में भी खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में खेल महाकुम्भ की शुरुआत प्रदेश के गांव-गांव में छिपी खेल प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से की गई थी। अब यह अपने दसवें संस्करण में प्रवेश कर चुका है। पिछले वर्ष 2.20 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने इसमें प्रतिभाग किया था। इस वर्ष इससे भी अधिक बच्चों और युवाओं के शामिल होने की उम्मीद है।

न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक होंगी प्रतियोगिताएं

इस वर्ष खेल महाकुम्भ को और व्यापक स्वरूप दिया गया है। प्रतियोगिताओं की शुरुआत न्याय पंचायत स्तर से होगी और इसके बाद विधानसभा, संसदीय तथा राज्य स्तर पर खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। सरकार का लक्ष्य गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर देना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार दिए जा रहे हैं। इस वर्ष करीब 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।

इसके अलावा, इस वर्ष से खेल महाकुम्भ की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इसे खिलाड़ियों की मेहनत, प्रतिभा और उनके सपनों के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

29 खिलाड़ियों को मिल चुकी सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया। उन्होंने उम्मीद जताई कि खेल महाकुम्भ से निकलने वाली प्रतिभाएं भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड तथा देश का नाम रोशन करेंगी।

उन्होंने बताया कि राज्य की नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी दी जा रही है। अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है। वहीं, 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

खिलाड़ियों को मिल रहीं कई सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री खेल विकास निधि के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश के आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों और क्रीड़ा छात्रावासों में चयनित खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, आवास, भोजन, खेल उपकरण, खेल किट, शिक्षा और चिकित्सा जैसी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि चैंपियन की तैयारी बचपन से ही शुरू होती है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को मासिक छात्रवृत्ति दी जा रही है।

वहीं, 14 से 23 वर्ष के खिलाड़ियों के लिए मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत मासिक छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। प्रतियोगिता और प्रशिक्षण के दौरान दुर्घटना की स्थिति में खिलाड़ियों के लिए बीमा संबंधी व्यवस्था भी की गई है।

खेल सुविधाओं का आधुनिक ढांचा विकसित करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड में आधुनिक खेल आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए तेजी से काम कर रही है। हाल ही में हल्द्वानी में उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और प्रथम शैक्षणिक सत्र का शुभारम्भ किया गया है। इसके साथ ही खटीमा में आधुनिक खेल सुविधाओं से युक्त स्टेडियम के निर्माण की घोषणा भी की गई है।

उन्होंने कहा कि ‘एक जनपद-एक खेल’ के माध्यम से विभिन्न खेल विधाओं और स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार चाहती है कि प्रत्येक जनपद की अपनी विशिष्ट खेल पहचान विकसित हो और स्थानीय खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।

सितंबर से अक्टूबर तक होंगे अलग-अलग चरण

खेल महाकुम्भ-2026 के तहत प्रतियोगिताओं का आयोजन कई चरणों में किया जाएगा—

1 से 10 सितंबर: न्याय पंचायत स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि खेलकूद प्रतियोगिताएं
11 से 20 सितंबर: विधायक चैम्पियनशिप ट्रॉफी
21 से 30 सितंबर: सांसद चैम्पियनशिप ट्रॉफी
10 से 30 अक्टूबर: राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी

इन प्रतियोगिताओं में विभिन्न आयु वर्गों के बालक-बालिकाओं के साथ महिला ओपन तथा दिव्यांगजन महिला-पुरुष वर्ग के खिलाड़ियों को भी विभिन्न खेल विधाओं में प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों से पूर्ण समर्पण और खेल भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि न्याय पंचायत स्तर की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों के खेल जीवन की शुरुआती और महत्वपूर्ण सीढ़ी हैं। यहीं से खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के दम पर विभिन्न स्तरों को पार करते हुए राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी तक पहुंचेंगे।

उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अपनी क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से पूरी ताकत, लगन, अनुशासन और निष्ठा के साथ मैदान में उतरने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने, उन्हें बेहतर सुविधाएं देने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि ‘खेल महाकुम्भ-2026’ उत्तराखंड के खेल इतिहास में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा और प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा, मेहनत तथा संकल्प के बल पर उत्तराखंड को देश में ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य पूरा होगा।

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