केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का महाराष्ट्र के नागपुर में दिया गया एक बयान इन दिनों चर्चा में है। एक कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने अपने चुनावी अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें शिक्षित और बड़े इलाकों की तुलना में अंडरवर्ल्ड, अपराध प्रभावित और रेड लाइट इलाकों में ज्यादा वोट मिले।
हालांकि, गडकरी ने अपने बयान के साथ यह भी स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं निकाला जाना चाहिए कि वह किसी अपराध या आपराधिक गतिविधि का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में उनके अलग-अलग वर्गों के लोगों से संबंध रहे हैं और उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई तरह के अनुभव हासिल किए हैं।
‘नागपुर में 99 फीसदी लोग मेरे समर्थक’
कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि नागपुर में अंडरवर्ल्ड से लेकर सोशल वर्ल्ड तक करीब 99 फीसदी लोग उनके समर्थक हैं। उन्होंने तुरंत स्पष्ट किया कि उनके किसी वर्ग के लोगों से संबंध होने का अर्थ उनके काम या गतिविधियों का समर्थन करना नहीं है।
गडकरी ने कहा कि उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया है और लोगों के बीच जाकर सामाजिक कार्य भी किए हैं। उनके मुताबिक, लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए लोगों के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों और लोकतंत्र के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है।
‘शिक्षित इलाकों में 70-75%, अपराध प्रभावित इलाकों में 92% वोट’
नितिन गडकरी ने अपने चुनावी आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि नागपुर के बड़े और शिक्षित इलाकों में उन्हें करीब 70 से 75 फीसदी वोट मिले थे। वहीं, अंडरवर्ल्ड, अपराध प्रभावित और रेड लाइट इलाकों में उनका वोट प्रतिशत करीब 92 फीसदी रहा।
उन्होंने इस उदाहरण के जरिए लोगों की सोच और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता के महत्व पर जोर दिया। गडकरी ने कहा कि समाज में लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना बेहद महत्वपूर्ण है।
‘लोकतंत्र में क्रेडिबिलिटी की जीत होती है’
गडकरी ने कहा कि लोकतंत्र में अंततः क्रेडिबिलिटी की जीत होती है। उन्होंने कहा कि यह बात सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि बिजनेस, कंज्यूमर प्रोडक्ट और इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट जैसे क्षेत्रों में भी लागू होती है।
गडकरी के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इसकी चर्चा तेज हो गई है। खास तौर पर उनके द्वारा अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट एरिया में मिले वोटों का जिक्र किए जाने को लेकर लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
इससे पहले भी नितिन गडकरी अपने बेबाक बयानों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। नागपुर में उन्होंने राजनीति में काम और प्रचार को लेकर भी टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक रुपये का काम करके दस रुपये की पब्लिसिटी करना राजनीति का नियम बन गया है।
