देहरादून। उत्तराखंड की पारंपरिक लोक कला ऐपण को नई पहचान दिलाने वाली कलाकार Jyoti Joshi को Sai Srijan Patal द्वारा स्मृति चिन्ह एवं पत्रिका की प्रति भेंट कर सम्मानित किया गया। यह अवसर कला, संस्कृति और सृजनात्मकता के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण बन गया।
इस मौके पर पटल के संस्थापक प्रो. (डॉ.) K L Talwar ने कहा कि साईं सृजन पटल का उद्देश्य लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं का संरक्षण एवं संवर्धन करना है। उन्होंने ऐपण कला को हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि यह नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
पटल के उपसंपादक Ankit Tiwari ने कहा कि यह मंच लगातार उन प्रतिभाओं को सामने ला रहा है, जो समाज में सकारात्मक सृजन कर रही हैं। उन्होंने ज्योति जोशी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कला समाज को प्रेरित करने का काम कर रही है।
सम्मान प्राप्त करने पर ज्योति जोशी ने पटल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मंच कलाकारों को पहचान देने के साथ-साथ उन्हें आगे बढ़ने की ऊर्जा भी देता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मान कलाकारों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें अपनी कला के प्रति और अधिक समर्पित होने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में Sudhir Joshi, Neelam Talwar तथा Akshat सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे आयोजन का माहौल उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा से परिपूर्ण रहा।

