रुद्रप्रयाग। पवित्र Baisakhi के शुभ अवसर पर केदारनाथ यात्रा का आध्यात्मिक आरंभ हो गया है। Gaurikund स्थित मां गौरामाई मंदिर के कपाट आज विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
सुबह लगभग 8 बजे आचार्यों द्वारा पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के द्वार खोले गए। परंपरा के अनुसार, पहले गौरी गांव में पूजा संपन्न हुई, जिसके बाद माता की भोग मूर्तियों को कंडी में सजाकर गौरीकुंड मंदिर तक लाया गया।
कुल पुरोहितों, मंदिर समिति और हक-हकूकधारियों की उपस्थिति में कपाट खोले गए, जो अब छह माह तक दर्शन के लिए खुले रहेंगे।
मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। “जय मां गौरामाई” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
मंदिर प्रबंधक कैलाश बगवाड़ी ने बताया कि सभी धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए कपाट खोले गए हैं।
Start of Kedarnath Yatra
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को Kedarnath Temple के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके लिए प्रशासन और मंदिर समिति ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।
शीतकालीन गद्दीस्थल Omkareshwar Temple Ukhimath से बाबा केदार की डोली जल्द ही रवाना होगी।
उत्तराखंड में 19 अप्रैल से Char Dham Yatra की शुरुआत हो रही है:
- 19 अप्रैल: यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे
- 22 अप्रैल: केदारनाथ धाम
- 23 अप्रैल: बदरीनाथ धाम
स्थानीय व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को सजा लिया है और इस साल यात्रा में नए रिकॉर्ड बनने की उम्मीद जताई जा रही है।
मां गौरामाई मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ यात्रा की आध्यात्मिक शुरुआत हो गई है। आने वाले दिनों में चारधाम यात्रा के खुलने से उत्तराखंड में आस्था, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
