
भारतीय वायुसेना को नया प्रमुख मिल गया है। एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने शनिवार को वायुसेना प्रमुख का कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की जगह ली है, जो करीब 43 साल की शानदार सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए। आशुतोष दीक्षित एक अनुभवी फाइटर पायलट हैं और उन्हें 20 से अधिक प्रकार के विमानों को उड़ाने का अनुभव है। वह अब तक 3,500 घंटे से ज्यादा उड़ान भर चुके हैं।
आशुतोष दीक्षित इससे पहले वायुसेना के उप प्रमुख के पद पर कार्यरत थे। उन्हें रणनीतिक योजना बनाने और सैन्य अभियानों में अहम भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है। खासतौर पर ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही। लगभग चार दशक के अपने करियर में उन्होंने कमान, स्टाफ और प्रशिक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं।
1986 में वायुसेना की फाइटर यूनिट में हुए थे शामिल
एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित का जन्म 9 दिसंबर 1966 को हुआ था। वह 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की लड़ाकू इकाई में शामिल हुए थे। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, डिफेंस स्टाफ सर्विस कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं।
उन्हें मिराज-2000, मिग के विभिन्न संस्करण, किरण, जगुआर, आईएल-78, हॉक और तेजस समेत कई विमानों को उड़ाने का अनुभव है। 3,500 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव उन्हें वायुसेना के अनुभवी फाइटर पायलटों में शामिल करता है।
ऑपरेशन सिंदूर समेत कई अभियानों में निभाई अहम भूमिका
अपने करीब 40 साल के सैन्य करियर के दौरान आशुतोष दीक्षित कई महत्वपूर्ण अभियानों का हिस्सा रहे हैं। इनमें ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर शामिल हैं। उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें कई सैन्य सम्मान भी मिल चुके हैं। वर्ष 2006 में वायु सेना पदक, 2011 में विशिष्ट सेवा पदक, 2023 में अति विशिष्ट सेवा पदक और 2026 में परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया।
एपी सिंह को दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर
वायुसेना प्रमुख का पद छोड़ने से पहले एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद रेस कोर्स वायुसेना स्टेशन पर उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर देकर विदाई दी गई। उन्होंने अपने 43 साल के शानदार सैन्य करियर के बाद वायुसेना की कमान आशुतोष दीक्षित को सौंप दी।
कई महत्वपूर्ण पदों पर दे चुके हैं सेवाएं
वायुसेना प्रमुख बनने से पहले आशुतोष दीक्षित ने वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ, चीफ ऑफ डिफेंस इंटीग्रेटेड स्टाफ, एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, सेंट्रल एयर कमांड, डिप्टी चीफ ऑफ द एयर स्टाफ और सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर समेत कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। उनके अनुभव और सैन्य अभियानों में योगदान को देखते हुए अब उनसे भारतीय वायुसेना के नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।

