
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा के आंगनबाड़ी केंद्र गोसीकुआ भुड़ाई में आयोजित ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों, गर्भवती महिलाओं, माताओं और आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकत्रियों से आत्मीय संवाद किया तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों से बातचीत की और उन्हें अपने हाथों से भोजन परोसा। उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर समय बिताया और उनके साथ आत्मीय संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गोदभराई रस्म में शामिल होकर गर्भवती महिलाओं को आशीर्वाद दिया तथा 10 गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार सामग्री की किट वितरित की। इसके अलावा 10 लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट भी प्रदान की गई।
पांच बच्चों का कराया अन्नप्राशन संस्कार
मुख्यमंत्री ने पांच नन्हे बच्चों का अपने हाथों से अन्नप्राशन संस्कार कराया। साथ ही बेहतर कार्य के लिए 9 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और 2 आशा कार्यकत्रियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समृद्धि और हरियाली के प्रतीक के रूप में पौधरोपण भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम सेवा, स्नेह और संवाद को हर व्यक्ति और हर घर तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ भविष्य, प्रारंभिक शिक्षा, संस्कार और सर्वांगीण विकास की नींव तैयार करने वाले महत्वपूर्ण केंद्र हैं।
माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य एवं पोषण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महालक्ष्मी किट योजना, पोषण योजनाओं और मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना के माध्यम से माताओं और बच्चों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव की सुविधा देने के लिए बर्थ वेटिंग होम की व्यवस्था की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर हेली एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
कोई बच्चा कुपोषित न रहे, सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बच्चों के पोषण और स्वस्थ भविष्य की जिम्मेदारी सरकार के साथ-साथ पूरे समाज की भी है। सरकार का प्रयास है कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा, संस्कार और सर्वांगीण विकास के केंद्र बनें।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां सरकार की योजनाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड में कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे और हर बच्चे को स्वस्थ, सुरक्षित एवं संस्कारयुक्त वातावरण मिले।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्य, समर्पण और सेवा भाव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

