काठमांडू। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद छठे दिन भी सेना और पुलिस का सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। अब तक 804 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 2,500 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल अब तक 9,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल चुके हैं।
मलबे से लगातार शव बरामद होने के कारण उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है। कई शवों की स्थिति बेहद खराब होने के कारण उनकी पहचान के लिए DNA सैंपल लिए जा रहे हैं और इसके बाद अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
इस भीषण प्राकृतिक आपदा के बीच चीन ने नेपाल की मदद के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग ने भी नेपाल में हुई जनहानि और तबाही पर दुख जताया है।
चीन ने नेपाल को कितनी आर्थिक मदद दी?
नेपाल सरकार के मुताबिक, चीन ने बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए कुल 22 लाख अमेरिकी डॉलर की मदद दी है।
चीनी राजदूत झांग माओमिंग ने नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले को चीनी सरकार की ओर से 35 करोड़ नेपाली रुपये (करीब 20 लाख अमेरिकी डॉलर) की सहायता का चेक सौंपा।
इसके अलावा चीनी रेड क्रॉस की ओर से नेपाल को 2 लाख अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त सहायता दी गई है। इस तरह चीन की ओर से दी गई कुल सहायता 22 लाख डॉलर बताई गई है।
‘नेपाल इस आपदा में अकेला नहीं है’
नेपाल के वित्त मंत्रालय के अनुसार, चीनी राजदूत झांग माओमिंग ने कहा कि इस मुश्किल समय में नेपाल अकेला नहीं है और चीन हमेशा नेपाल के साथ खड़ा रहेगा।
चीन की ओर से मिली यह सहायता ऐसे समय में आई है, जब नेपाल सरकार बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत, बचाव और पुनर्वास अभियान को तेज करने में जुटी हुई है।
तिब्बत में भी भारी तबाही
नेपाल के अलावा इस प्राकृतिक आपदा का असर चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, तिब्बत में 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 550 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
राहत कोष में जमा हुए 5 अरब नेपाली रुपये से ज्यादा
नेपाल सरकार ने बाढ़ और आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष बनाया है। सरकार के मुताबिक, इस राहत कोष में अब तक 5 अरब नेपाली रुपये से अधिक की राशि जमा हो चुकी है।
नेपाल के प्रधानमंत्री और कैबिनेट कार्यालय के अनुसार, आपदा राहत कोष और प्रधानमंत्री कोष के माध्यम से पीड़ितों तक आर्थिक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है।
सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ‘रेस्क्यू रिक्वेस्ट पोर्टल’ भी शुरू किया है, जिसके माध्यम से देश और विदेश से प्राप्त सहायता और राहत से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की जा रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी
बाढ़ के छठे दिन भी सेना और पुलिस की टीमें प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान चला रही हैं। बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं, ऐसे में मलबे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी है।
प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों को तलाशने, शवों की पहचान करने और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने की है।
