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कोरोना महामारी के चलते दो साल बाधित रही चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह

कोरोना महामारी के चलते दो साल बाधित रही चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है और प्रतिदिन लगभग 50 हजार श्रद्धालु चारों धाम में दर्शनों को पहुंच रहे हैं। लेकिन, चिंता की वजह यह है कि इस बार आस्था पथ पर दिल कमजोर पड़ रहा है और श्रद्धालु लगातार हृदयाघात की चपेट में आ रहे हैं।

शुरुआती एक महीने की यात्रा में ही 124 श्रद्धालुओं की मौत हृदयाघात से हो चुकी है। इनमें पांच श्रद्धालुओं की मौत ऋषिकेश में हुई। जबकि, वर्ष 2019 में 48 श्रद्धालुओं ने इस अवधि में दम तोड़ा था। हालांकि, सरकार ने अब संबंधित जिलों के सीएमओ से श्रद्धालुओं के मौत के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। विदित हो कि इस बार तीन मई को यमुनोत्री व गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा शुरू हुई थी। जबकि, केदारनाथ के कपाट छह मई और बदरीनाथ के आठ मई को खोले गए।

हृदयाघात वाले श्रद्धालु

वर्ष 2019, वर्ष 2022

यमुनोत्री, 07, 31

गंगोत्री, 05, 06

केदारनाथ, 29, 58

बदरीनाथ, 07, 24

यूनिवर्सिटी आफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज (यूपीईएस) ने अपनी चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारियों के सशक्तीकरण का बीड़ा उठाया है। इसके लिए विवि ने हेप्पीनेस कार्यक्रम के तहत आशाएं और स्वावलंबन परियोजनाओं की शुरुआत की है। यह परियोजना अमेरिका दूतावास एवं स्वेच्छा भारत के साझा सहयोग से मिलने वाली ग्रांट से शुरू की गई है। परियोजना के तहत विवि अपने यहां कार्र्यरत चतुर्थ श्रेणी की महिला कर्मचारियों के लिए 72 घंटे का स्वावलंबन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अंग्रेजी भाषा का ज्ञान, टेक्नोलाजी, कम्युनिकेशन स्किल, डिजिटल साक्षरता, कानूनी अधिकार के बारे में जानकारी दी जाएगी। विवि के कुलपति डा. सुनील राय ने बताया कि यह परियोजना महिला कर्मचारियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी। शुक्रवार को विवि सभागार में बिधौली पंचायत प्रधान विमलेश गुलेरिया की उपस्थिति में की गई। कार्यक्रम में विवि के उपकुलपति डा. राम शर्मा ने महिलाओं को प्रशिक्षण से होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

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