Narendra Modi लगातार आमजन से पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बचत करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन Uttarakhand में इन दिनों एलपीजी सिलिंडर की जमाखोरी बढ़ती नजर आ रही है। पिछले दो दिनों में सामान्य दिनों की तुलना में करीब 12 हजार अधिक गैस सिलिंडर बुक किए गए हैं।
आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में आमतौर पर रोज लगभग 60 हजार एलपीजी सिलिंडर की खपत होती है, लेकिन पिछले दो दिनों में यह संख्या बढ़कर करीब 72 हजार तक पहुंच गई। गैस कंपनियों का मानना है कि यह किसी वास्तविक कमी का संकेत नहीं, बल्कि लोगों में बढ़ती जमाखोरी की मानसिकता का असर है।
विशेषज्ञों के अनुसार जरूरत से ज्यादा गैस सिलिंडर बुक करने से सप्लाई व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है। इसका सबसे अधिक असर उन परिवारों पर पड़ सकता है जिन्हें तत्काल गैस की जरूरत होती है।
खासतौर पर पर्वतीय और दूरस्थ इलाकों में डिलीवरी में देरी की आशंका बढ़ गई है। चारधाम यात्रा के चलते राज्य में ईंधन और गैस की मांग पहले से ही बढ़ी हुई है।
आपूर्ति विभाग के अपर आयुक्त PS Pangti ने कहा कि राज्य में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा को देखते हुए अतिरिक्त आपूर्ति भी दी जा रही है, इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए तेल कंपनियों ने निगरानी बढ़ा दी है। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार निरीक्षण और छापेमारी की जा रही है। कई मामलों में मुकदमा भी दर्ज किया जा चुका है।
डिलीवरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए डीएसी (Delivery Authentication Code) प्रणाली लागू की गई है। इससे गैस सिलिंडर के गलत इस्तेमाल और अवैध डायवर्जन पर रोक लगाने में मदद मिल रही है।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के राज्य समन्वयक KK Gupta ने लोगों से जरूरत के अनुसार ही गैस बुक करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ता डिजिटल माध्यम से बुकिंग करें, भीड़ से बचें और जहां संभव हो ऊर्जा बचत को अपनाएं, ताकि सप्लाई व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

