Narendra Modi के 18 से 19 मई के प्रस्तावित नॉर्वे दौरे से पहले उनकी अंतरराष्ट्रीय छवि और नेतृत्व शैली की जमकर सराहना की जा रही है। नॉर्वे के पूर्व मंत्री और United Nations Environment Programme (UNEP) के पूर्व प्रमुख Erik Solheim ने प्रधानमंत्री मोदी को “दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता” बताया है।
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, एरिक सोलहाइम ने नॉर्वे के प्रमुख अखबार में प्रकाशित अपने लेख में प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता, हरित विकास मॉडल और भारत की तेज आर्थिक वृद्धि की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों के नेताओं को मोदी के “लगातार ग्रीन संदेश” से सीख लेनी चाहिए।
सोलहाइम ने लिखा कि किसी भी बड़े देश में प्रधानमंत्री मोदी जितना लोकप्रिय नेता नहीं है। उनके मुताबिक मोदी की लोकप्रियता करीब 70 प्रतिशत तक है और वे दुनिया के सबसे प्रभावशाली लोकतांत्रिक नेताओं में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मोदी के नेतृत्व में लगभग 7 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ रही है, जो दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से बेहतर है।
सोलहाइम ने प्रधानमंत्री मोदी के साधारण पृष्ठभूमि से देश के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने के सफर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि Vadnagar में एक सामान्य परिवार में जन्मे मोदी ने अपने प्रयासों से दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का नेतृत्व संभाला।
‘भारत के हर राज्य में विकास दिखाई देता है’
एरिक सोलहाइम ने प्रधानमंत्री मोदी को “हरित विकास का संरक्षक” बताते हुए कहा कि भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने भारत में आधुनिक हवाई अड्डों, बेहतर सड़क नेटवर्क और बड़े सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट्स की सराहना की। सोलहाइम ने कहा, “मैंने भारत के लगभग सभी राज्यों का दौरा किया है और हर जगह विकास दिखाई देता है। गुजरात में दुनिया के सबसे बड़े सोलर पार्क और आंध्र प्रदेश में विशाल सौर, पवन और जल विद्युत परियोजनाएं इसका उदाहरण हैं।”
अपने लेख में सोलहाइम ने कहा कि भारत में हिंदू राष्ट्रवाद एक बड़ी राजनीतिक ताकत बन चुका है और Bharatiya Janata Party ने विभिन्न वर्गों में व्यापक समर्थन हासिल किया है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारत के भविष्य की असली परीक्षा यह होगी कि विकास की प्रक्रिया में मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय को भी पूरी तरह शामिल किया जा सके।
सोलहाइम ने लेख के अंत में कहा कि भारत और Norway के बीच मजबूत रिश्ते दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित होंगे। उनके अनुसार आर्थिक, पर्यावरणीय और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच साझेदारी की बड़ी संभावनाएं हैं।

