पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। ताजा रुझानों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक बढ़त बना ली है और राज्य में पहली बार सरकार बनाने की ओर अग्रसर है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक पार्टी 190 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है।
इसी के साथ असम में भी बीजेपी ने मजबूत वापसी करते हुए फिर से सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है। वहीं पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार दोबारा बनने जा रही है।
दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने थालापति विजय की पार्टी तमिलागा वेत्री कड़गम (TVK) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ता की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। यहां पारंपरिक द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK)-कांग्रेस गठबंधन को बड़ा झटका लगा है।
वहीं केरल में इस बार सत्ता परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं, जहां भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन बढ़त बनाए हुए है, जबकि बीजेपी को सीमित सफलता मिलती दिख रही है।
अगर मौजूदा रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो देश में NDA शासित राज्यों की संख्या बढ़कर 21 हो जाएगी। इनमें कई राज्यों में बीजेपी अपने दम पर सरकार चला रही है, जबकि कुछ में सहयोगी दलों के साथ गठबंधन है।
दूसरी ओर INDI गठबंधन (विपक्षी गठबंधन) की स्थिति कमजोर होती नजर आ रही है। इसके बावजूद यह गठबंधन अभी भी देश के लगभग 6 राज्यों में अपनी सरकार बनाए हुए है, जिनमें केरल प्रमुख है।
चुनावी तस्वीर साफ होने के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थिति सीमित होती दिख रही है। पार्टी फिलहाल कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में अपने दम पर सरकार चला रही है, जबकि अन्य राज्यों में उसे सहयोगियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
इन चुनाव परिणामों ने साफ कर दिया है कि देश की राजनीति में गठबंधन और नए चेहरों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। खासतौर पर तमिलनाडु में विजय की एंट्री और पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बढ़त ने पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।
फिलहाल सभी की नजरें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, जिनके बाद देश की सियासत की नई तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।

