काबुल/इस्लामाबाद। पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान की राजधानी काबुल समेत कई शहरों पर किए गए हवाई हमलों के बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष और तेज हो गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों ओर से सैकड़ों लोगों के मारे जाने की खबर है। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और सीमा क्षेत्र में भारी गोलाबारी जारी है।
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने पाकिस्तान की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी विमानों ने काबुल, कंधार और पख्तिया में बमबारी की है, जिसे अफगान जनता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी।
करजई ने बयान में कहा, “अफगान पूरी एकता के साथ अपनी मातृभूमि की रक्षा करेंगे और इस हिंसा का बहादुरी से जवाब देंगे। पाकिस्तान हिंसा और बमबारी से पैदा की गई समस्याओं से बच नहीं सकता। उसे अपनी नीति बदलनी होगी और अफगानिस्तान के साथ सम्मानजनक व सभ्य संबंध बनाने होंगे।”
सीमा क्षेत्र डूरंड लाइन पर हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। तालिबान का दावा है कि उसने पाकिस्तान की दर्जनों सैन्य चौकियों पर हमला कर कब्जा कर लिया है और कई पोस्टों को आग के हवाले कर दिया है।
तालिबान सरकार के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से बार-बार सीमा उल्लंघन के बाद यह जवाबी कार्रवाई की गई। तालिबान ने दावा किया है कि अब तक 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और बड़ी संख्या में घायल हुए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
पाकिस्तानी सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई तालिबान की ओर से किए गए हमलों के जवाब में की गई। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कई इलाकों को निशाना बनाते हुए हवाई अभियान चलाया है।
दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही सीमा विवाद और अविश्वास की स्थिति अब खुले सैन्य टकराव में बदलती दिख रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही कूटनीतिक पहल नहीं की गई तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या दोनों देश बातचीत का रास्ता अपनाते हैं या हालात और भयावह होते हैं।

