
नई दिल्ली: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने शेयर बाजार में खुलते ही शानदार शुरुआत की। करीब 30,213 करोड़ रुपये के इस पब्लिक इश्यू को खुलने के महज 100 मिनट के भीतर पूरा सब्सक्रिप्शन मिल गया। संस्थागत निवेशकों ने शुरुआती दौर से ही इसमें जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई।
कंपनी ने आईपीओ के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, इश्यू खुलने के शुरुआती 10 मिनट में ही क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। बाद में इस श्रेणी में मांग बढ़कर 2.86 गुना तक पहुंच गई।
जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ भारत के सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड भी तोड़ सकता है। फिलहाल यह रिकॉर्ड हुंडई मोटर्स इंडिया के नाम है, जिसने 2024 में 27,870 करोड़ रुपये जुटाए थे। जियो के आईपीओ का ऊपरी प्राइस बैंड 1,119 रुपये प्रति शेयर होने पर कंपनी का मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर आंका गया है।
पब्लिक इश्यू से पहले कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से करीब 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, एंकर निवेशकों की ओर से 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिली थीं।
जियो प्लेटफॉर्म्स अब टेलीकॉम कारोबार के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड और डिजिटल सेवाओं में भी विस्तार करना चाहती है। कंपनी के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी के नेतृत्व में जियो अपने बड़े ग्राहक आधार का इस्तेमाल डिजिटल और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए कर रही है।

