देहरादून। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद उत्तराखंड सरकार अब प्रदेश में खेल सुविधाओं को जमीनी स्तर तक मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान घोषणा की कि राज्य के हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देना है।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में उत्तराखंड ने 38वें राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी की थी। इस आयोजन में राज्य के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 103 पदक जीतकर अब तक का सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड भी बनाया था। इस उपलब्धि के बाद उत्तराखंड को देश में एक उभरती हुई ‘खेलभूमि’ के रूप में भी पहचान मिली है।
राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल आधारभूत ढांचा विकसित किया गया था। राज्य सरकार ने लेगेसी पॉलिसी बनाकर इन खेल परिसरों और सुविधाओं का उपयोग खेल अकादमियों के रूप में करने का निर्णय लिया है, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिल सके। इस संबंध में शासन स्तर पर कार्यवाही जारी है।
बजट सत्र के प्रश्नकाल के दौरान जब खेल मंत्री रेखा आर्या पर्वतीय क्षेत्रों में खेल मैदान और मिनी स्टेडियम से जुड़े सवालों का जवाब दे रही थीं, उसी दौरान मुख्यमंत्री धामी ने यह महत्वपूर्ण जानकारी दी।
खेल मंत्री रेखा आर्या के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में मिनी स्टेडियम के निर्माण के लिए लगभग 1.18 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है। इसके निर्माण पर करीब 1 करोड़ 70 लाख रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को खेलों के लिए बेहतर मंच मिल सकेगा।
