80 के दशक में प्रसारित रामायण ने भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक नई पहचान बनाई। इस पौराणिक धारावाहिक के हर किरदार ने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। इन्हीं में से एक थे संजय जोग, जिन्होंने भरत की भूमिका निभाकर घर-घर में अपनी अलग पहचान बनाई।
रामानंद सागर द्वारा निर्मित इस धारावाहिक में अरुण गोविल ने भगवान राम, दीपिका चिखलिया ने माता सीता, सुनील लहरी ने लक्ष्मण और अरविंद त्रिवेदी ने रावण का किरदार निभाया था। संजय जोग का भरत का चरित्र त्याग, प्रेम और आदर्श भाईचारे का प्रतीक बन गया।
संजय जोग का अभिनय सफर आसान नहीं था। उन्होंने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से प्रशिक्षण प्राप्त किया और इसके बाद मराठी, हिंदी व गुजराती फिल्मों में काम किया। अभिनय में आने से पहले वे खेती-किसानी करते थे और बाद में भी इस काम से जुड़े रहे। उनकी पहली फिल्म ‘सापला’ भले ही सफल न रही हो, लेकिन उनकी प्रतिभा ने उन्हें आगे बढ़ने का मौका दिया।
कहा जाता है कि एक मराठी फिल्म में उनके अभिनय को देखकर रामानंद सागर ने उन्हें ‘रामायण’ में भरत की भूमिका के लिए चुना, जिसने उनकी जिंदगी बदल दी।
हालांकि, सफलता के इस सफर को ज्यादा समय नहीं मिला। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें लिवर की गंभीर बीमारी हो गई थी। 27 नवंबर 1995 को उनका निधन हो गया। उनके अचानक निधन ने उनके प्रशंसकों को गहरा दुख पहुंचाया।
आज भी संजय जोग का निभाया गया भरत का किरदार लोगों के दिलों में जीवित है और भारतीय टेलीविजन इतिहास में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज है।
भरत का किरदार निभाकर अमर हुए संजय जोग

