
पाकिस्तान में पोलियो उन्मूलन अभियान के दौरान एक बार फिर हिंसा की घटना सामने आई है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मोहम्मंद जिले में पोलियो टीकाकरण टीम की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर मोटरसाइकिल सवार संदिग्ध उग्रवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस हमले में दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गया। हालांकि, हमले के दौरान टीकाकरण अभियान में शामिल स्वास्थ्यकर्मियों की जान बच गई।
पुलिस अधिकारी अयाज खान के मुताबिक, पुलिसकर्मी घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने वाली टीमों की सुरक्षा के लिए पास के एक गांव जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन पर गोलियां बरसा दीं। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। फिलहाल किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
पाकिस्तान में पोलियो टीकाकरण अभियान लंबे समय से उग्रवादी संगठनों के निशाने पर है। पाकिस्तानी तालिबान और दूसरे चरमपंथी संगठन अक्सर टीकाकरण टीमों और उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर हमले करते हैं। इन संगठनों की ओर से यह झूठा प्रचार किया जाता है कि पोलियो टीकाकरण पश्चिमी देशों की साजिश है, जिसके जरिए मुस्लिम बच्चों को नपुंसक बनाया जाता है। ऐसी अफवाहों के कारण कई इलाकों में टीकाकरण अभियान का विरोध भी होता है।
इस हमले पर पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने घटना को असहनीय बताते हुए मारे गए पुलिसकर्मियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। नकवी ने कहा कि ये पुलिसकर्मी देश के स्वस्थ भविष्य के लिए अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। उन्होंने हमले में जान गंवाने वाले जवानों के बलिदान को भी याद किया।
पाकिस्तान में पोलियो को खत्म करने के लिए सोमवार से देशव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत करीब 2.4 करोड़ बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, पाकिस्तान और पड़ोसी अफगानिस्तान दुनिया के ऐसे दो देश हैं, जहां पोलियो वायरस का संक्रमण अब भी स्थानीय स्तर पर मौजूद है।
पाकिस्तान में पोलियो उन्मूलन अभियान से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षा बलों को लगातार हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। पिछले साल भी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अज्ञात बंदूकधारियों ने पोलियो वैक्सीन लगाने वाले दो कर्मचारियों का अपहरण कर लिया था। ऐसे हालात में बच्चों तक पोलियो वैक्सीन पहुंचाना स्वास्थ्यकर्मियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

