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अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला, बोले- SIR नहीं रुकेगा, एक-एक घुसपैठिए को देश से बाहर करेंगे

गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में तिरंगा यात्रा निकालकर विपक्ष को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ कहा कि देश में SIR की प्रक्रिया किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगी और एक-एक घुसपैठिए को देश से बाहर निकाला जाएगा। अमित शाह ने राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे घुसपैठियों के वोट के सहारे सत्ता हासिल करना चाहते हैं, इसलिए SIR का विरोध कर रहे हैं।

अमित शाह ने तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में तिरंगा यात्रा के दौरान कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष SIR को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। राहुल गांधी ने हाल ही में रामलीला मैदान से चुनाव आयोग और SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में 13 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए, जिसके कारण नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने।

अमित शाह ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि जब 2024 में नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने थे, उस समय ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे। उन्होंने बताया कि हटाए गए नामों में मृत मतदाताओं, डुप्लीकेट नामों और कथित घुसपैठियों के नाम शामिल थे। शाह ने विपक्ष को चुनौती दी कि वह संसद में आकर SIR के मुद्दे पर चर्चा करे। सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल-जवाब और बहस के लिए संसद सबसे उचित मंच है, लेकिन कांग्रेस चुनावों में लगातार हार के बाद सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रही है। दूसरी ओर, बीजेपी ने भी देशभर में मार्च और पदयात्राओं के जरिए विपक्ष को जवाब देना शुरू कर दिया है।

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं के बयानों ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। सपा के पूर्व सांसद एसटी हसन ने अयोध्या और राम मंदिर को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि भगवान राम का जन्म उसी स्थान पर हुआ था, जहां वर्तमान में राम मंदिर बना है, इसका कोई सटीक प्रमाण नहीं है। उनके इस बयान पर बजरंग दल ने कड़ी नाराजगी जताई।

बजरंग दल के अध्यक्ष रोहन सक्सेना ने एसटी हसन से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्होंने माफी नहीं मांगी तो संगठन के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करेंगे। हालांकि, इस तरह की धमकी भरी भाषा को लेकर भी सवाल उठे और कहा गया कि राजनीतिक बयानों का जवाब राजनीतिक तरीके से दिया जाना चाहिए।

समाजवादी पार्टी के एक अन्य नेता शिवशंकर यादव ने भी ऐसा बयान दिया, जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने शादी और तेरहवीं जैसे धार्मिक आयोजनों में पंडितों द्वारा पढ़े जाने वाले मंत्रों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। उनके बयान के बाद ब्राह्मण समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और उनका पुतला भी फूंका।

विवाद बढ़ने पर शिवशंकर यादव ने पहले वीडियो को AI से बनाया हुआ बताया और बाद में उसे पुराना करार दिया। उन्होंने कहा कि वह ब्राह्मण समाज का सम्मान करते हैं और धार्मिक आयोजनों में पंडितों को बुलाते हैं। हालांकि, वीडियो में PDA का जिक्र होने के कारण उनके पुराने होने के दावे पर भी सवाल उठाए गए।

कुल मिलाकर, SIR को लेकर अमित शाह के आक्रामक रुख और उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के नेताओं के विवादित बयानों ने बीजेपी को विपक्ष पर हमला बोलने का नया मौका दे दिया है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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