
नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को अपने आवास पर INDIA ब्लॉक के नेताओं, छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों को चाय पर आमंत्रित किया। बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस की और लोकतंत्र की बहाली के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने की बात कही।
राहुल गांधी का आवास 5, सुनहरी बाग रोड पर आयोजित इस बैठक में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के तेजस्वी यादव और मनोज झा, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की महुआ माजी, समाजवादी पार्टी के हरेंद्र मलिक, आनंद भदौरिया और मोहिबुल्लाह नदवी शामिल हुए। इनके अलावा माकपा (CPI-M) के एमए बेबी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के डी राजा और पी. संतोष कुमार, AISA की प्रमुख नेहा बोरा, भाकपा (माले) के दीपांकर भट्टाचार्य और तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा भी बैठक में मौजूद रहीं।
कांग्रेस की ओर से पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, शशि थरूर और पवन खेड़ा ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
लोकतंत्र की बहाली के लिए एकजुट हैं विपक्षी दल: राहुल गांधी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि सभी विपक्षी दल एकजुट होकर लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस विरोध का मुख्य उद्देश्य देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहाल करना है।
राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि यह स्थान लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का एक माध्यम रहा है, लेकिन अब सरकार ने वहां लोकतांत्रिक भावनाएं व्यक्त करने के अधिकार को सीमित करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस सोच को चुनौती देगा और जनता की आवाज उठाने के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान को कमजोर किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि संविधान को नुकसान पहुंचाकर जिम्मेदार लोग जवाबदेही से बच नहीं सकते।
‘विपक्ष का कोई अलग-अलग प्रदर्शन नहीं, हमारा मकसद एक’
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष की ओर से कोई अलग-अलग या समानांतर विरोध प्रदर्शन नहीं किया जा रहा है, बल्कि सभी दल एक ही उद्देश्य के लिए साथ खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की चुनाव प्रणाली और लोकतांत्रिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाया गया है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष का लक्ष्य भारत में वास्तविक लोकतांत्रिक शासन की बहाली है और इसके लिए सभी दल मिलकर संघर्ष करेंगे। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष का आंदोलन किसी समयसीमा तक सीमित नहीं है।
उन्होंने कहा कि अगर आज सफलता नहीं मिलती है तो कल, छह महीने बाद या एक साल बाद भी संघर्ष जारी रहेगा। राहुल गांधी ने भरोसा जताया कि जिस तरह विपक्षी दलों ने लोगों को एकजुट किया है, उसी तरह आगे भी मिलकर लड़ाई जारी रखेंगे।
विपक्षी एकजुटता पर जोर
राहुल गांधी के आवास पर हुई इस बैठक को विपक्षी दलों के बीच समन्वय मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। बैठक में राजनीतिक दलों के साथ छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने भी लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक एकजुटता का संदेश दिया।
विपक्षी नेताओं ने लोकतंत्र, संविधान और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध जारी रखने का संकेत दिया।

