ओडिशा में खराब मौसम की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार समुद्र में चक्रवात नहीं, बल्कि डीप डिप्रेशन विकसित हो रहा है। इसके प्रभाव से राज्य के 11 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम प्रणाली का असर करीब दो दिनों तक रहने की आशंका है।
स्थिति को देखते हुए राज्य की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने 11 जिलों के कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। सभी जिलों के प्रशासन को मुख्यालय में रहने और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जलभराव और बाढ़ वाले इलाकों पर नजर
संभावित भारी बारिश को देखते हुए उन इलाकों की विशेष निगरानी करने को कहा गया है, जहां जलभराव की समस्या अक्सर सामने आती है। बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में जरूरी राहत सामग्री और अन्य संसाधनों का स्टॉक तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के दौरान सांपों से जुड़े खतरे को देखते हुए एंटी-स्नेक व्यवस्था रखने और आपात स्थिति में लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी प्रशासन को तैयार रहने को कहा गया है।
गर्भवती महिलाओं के लिए भी विशेष तैयारी
प्रशासन को गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी विशेष तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
आपात स्थिति से निपटने के लिए ODRAF की टीमें अलर्ट पर हैं। जरूरत बढ़ने पर अतिरिक्त बचाव दलों को भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा सकता है।
मछुआरों को तीन दिन समुद्र में न जाने की सलाह
समुद्र की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मछुआरों को सतर्क किया है। मुख्य सचिव के अनुसार, मछुआरों को आज से अगले तीन दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से उन्हें मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
ओडिशा में सामान्य से ज्यादा बारिश
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि ओडिशा में इस साल अब तक सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। राज्य में करीब 1,295 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश लगभग 1,100 मिलीमीटर रहती है। इस तरह अब तक करीब 195 मिलीमीटर अधिक बारिश दर्ज की गई है।
दक्षिणी ओडिशा के जिलों में मौसम प्रणाली का प्रभाव अधिक रहने की आशंका है। वहीं, गजपति जैसे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की संभावना को देखते हुए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या होता है डीप डिप्रेशन?
डीप डिप्रेशन समुद्र के ऊपर बनने वाला एक मजबूत कम दबाव वाला मौसम तंत्र है। यह सामान्य डिप्रेशन से अधिक शक्तिशाली होता है और इसके प्रभाव से तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। समुद्र में ऊंची लहरें भी उठ सकती हैं। कुछ परिस्थितियों में यह आगे चलकर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है, हालांकि हर डीप डिप्रेशन का चक्रवात में बदलना जरूरी नहीं होता।
