वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े कथित गैंगस्टर नीतीश कौशल को अमेरिका के वर्मोंट से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब एफबीआई ने दो दिन पहले ही उसे अपनी मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया था। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत की गई है।
एफबीआई के अनुसार, नीतीश कौशल एक कथित अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य है। जांच एजेंसी का आरोप है कि यह नेटवर्क कई गंभीर अपराधों में शामिल रहा है, जिनमें—
हत्या
ड्रग तस्करी
रंगदारी
अपहरण
अवैध हथियारों की तस्करी
हवाला
मानव तस्करी
जांच एजेंसियों का कहना है कि इस नेटवर्क की जड़ें पंजाब से जुड़ी हैं और इसका विस्तार अमेरिका के कैलिफोर्निया समेत कई देशों तक फैला हुआ है।
एफबीआई के मुताबिक, नीतीश कौशल पर जग्गू भगवानपुरिया गैंग के लिए अपहरण, हिंसक हमलों और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।
25 जून को अमेरिका के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया की संघीय अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। उस पर Racketeer Influenced and Corrupt Organizations (RICO) Conspiracy के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ऑपरेशन हार्ड बॉल एफबीआई का अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान है।
इस अभियान के तहत—
अमेरिका, कनाडा और यूरोप में 50 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की जा चुकी है।
बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामान और मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
कई संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
एफबीआई इस अभियान में लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और गोल्डी बराड़ से जुड़े कथित नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
अमेरिकी ग्रैंड ज्यूरी पहले भी अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको और भारत तक फैले एक कथित अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क का उल्लेख कर चुकी है। आरोपों में अवैध हथियारों की तस्करी, ड्रग तस्करी, रंगदारी और हत्या की साजिश जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियां शामिल हैं।
हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि एफबीआई और अभियोजन पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। फिलहाल नीतीश कौशल की गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ अमेरिकी अदालत में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
