कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक के इस्तीफे के बाद बड़ा बयान देते हुए कहा कि जो नेता बीजेपी, ईडी या सीबीआई के दबाव में पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे 21 जुलाई से पहले पार्टी छोड़ सकते हैं।
ममता बनर्जी ने बताया कि कोयल मल्लिक ने पहले ही ई-मेल के जरिए उन्हें अपने इस्तीफे की जानकारी दे दी थी। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से अंदाजा था कि कोयल पार्टी छोड़ सकती हैं, इसलिए उन्हें पहले ही सभी संगठनात्मक पदों से हटा दिया गया था।
उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि उन्होंने वर्षों की मेहनत से टीएमसी को खड़ा किया है और कोई भी नेता पार्टी की छवि को खराब न करे।
2026 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी में लगातार इस्तीफों का दौर जारी है। कई राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं और उनमें से अधिकांश बीजेपी में शामिल हो गए हैं। वहीं, नवनिर्वाचित विधायकों का एक गुट भी बगावत कर चुका है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में इस गुट ने अलग नेता चुन लिया है और अभिषेक बनर्जी पर कई आरोप लगाए हैं।
पार्टी में विरोध के बावजूद ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी का खुलकर बचाव किया। उन्होंने कहा कि “अभिषेक शेर की तरह लड़ रहे हैं।” ममता ने भरोसा जताया कि जिस तरह उन्होंने 2006 में पार्टी को खड़ा किया था, उसी तरह आगे भी टीएमसी को मजबूत बना सकती हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग पार्टी के साथ बने रहेंगे, वे उनके लिए “सोने के समान” हैं।
इस्तीफा देने के तुरंत बाद कोयल मल्लिक ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। इसके बाद राजनीतिक हलकों में उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
कोयल मल्लिक 16 मार्च 2026 को टीएमसी की ओर से राज्यसभा सांसद बनी थीं। उन्होंने 6 अप्रैल 2026 को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी और 16 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अब उनके अगले राजनीतिक कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं।
