राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा को लेकर Supreme Court of India ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने पहले के आदेश में संशोधन करते हुए राहत को अब सिर्फ एक उम्मीदवार तक सीमित कर दिया है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों को झटका लगा है।
RPSC SI/प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा 2025 को लेकर पहले सुप्रीम कोर्ट ने करीब 2.21 लाख उम्मीदवारों को अस्थायी रूप से परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी थी। यह आदेश Suraj Mal Meena की याचिका पर दिया गया था, जिसमें उन्होंने परीक्षा को टालने की मांग की थी।
अब जस्टिस Dipankar Datta की अध्यक्षता वाली बेंच ने अपने 2 अप्रैल के आदेश में बदलाव करते हुए:
राहत को सिर्फ याचिकाकर्ता सूरज मल मीणा तक सीमित कर दिया
पहले आदेश के पैरा 5 और 6 को हटा दिया
“अन्य समान उम्मीदवारों” को दी गई अंतरिम अनुमति समाप्त कर दी
इस फैसले के बाद करीब 95,400 उम्मीदवार इस राहत के दायरे से बाहर हो गए हैं।
यह बदलाव Rajasthan Public Service Commission (RPSC) की याचिका पर किया गया। आयोग ने कोर्ट से कहा कि इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को परीक्षा में शामिल कराना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है।
इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस Satish Chandra Sharma की बेंच ने आदेश में संशोधन कर दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि:
केवल वही उम्मीदवार राहत पा सकता है, जिसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है
अन्य उम्मीदवारों ने ऐसी याचिका दाखिल नहीं की थी, इसलिए उन्हें राहत नहीं दी जा सकती
हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि:
👉 राजस्थान हाई कोर्ट के अंतिम फैसले के बाद अन्य उम्मीदवार भी नई याचिका दायर कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से जहां एक ओर प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है, वहीं दूसरी ओर हजारों उम्मीदवारों को बड़ा झटका लगा है। अब बाकी अभ्यर्थियों की नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया और हाई कोर्ट के फैसले पर टिकी रहेगी।
