ईरान पर अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के बीच पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कराची और गिलगित-बाल्टिस्तान में प्रदर्शन के दौरान कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 100 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई शीर्ष नेताओं और सैन्य कमांडरों की मौत की खबरों के बाद कई देशों में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कुछ देशों ने अमेरिका का समर्थन किया है, तो कई जगहों पर हमलों के खिलाफ उग्र प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं।
कराची में प्रदर्शनकारियों ने ईरान के समर्थन में रैली निकाली और अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षा बलों के साथ झड़प में कम से कम 10 लोगों की मौत और करीब 50 लोगों के घायल होने की खबर है।
वहीं, गिलगित-बाल्टिस्तान (PoK) में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक टकराव हुआ, जिसमें 12 लोगों की मौत और लगभग 80 लोगों के घायल होने की सूचना है। यहां संयुक्त राष्ट्र और सरकारी दफ्तरों को भी निशाना बनाए जाने की खबरें हैं।
अमेरिकी दूतावास, पाकिस्तान ने बयान जारी कर कहा है कि वह कराची, लाहौर, इस्लामाबाद और पेशावर में अमेरिकी प्रतिष्ठानों के बाहर हो रहे प्रदर्शनों पर नजर रखे हुए है।
दूतावास ने पाकिस्तान में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी है कि वे स्थानीय समाचारों पर नजर रखें, भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें और सुरक्षा उपायों का पालन करें। साथ ही, STEP (Smart Traveler Enrollment Program) रजिस्ट्रेशन अपडेट रखने की भी अपील की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव का असर दक्षिण एशिया तक दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान और PoK में हुई हिंसक घटनाओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है। फिलहाल हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और प्रशासन अलर्ट पर है।
