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इजरायल ने लेबनान में कई इलाकों पर एयर स्ट्राइक की, सिदोन सहित ठिकानों को निशाना बनाया

बेरुत/जर्मनी। इज़रायल की वायु सेना ने लेबनान के दक्षिणी और पूर्वी इलाकों में देर रात और मंगलवार तड़के कई एयर स्ट्राइक की, जिसमें देश के तीसरे सबसे बड़े शहर सिदोन (सीदोन) का भी एक व्यावसायिक क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इन हमलों को चरमपंथी समूह हिज्बुल्ला और हमास के ठिकानों तथा ढांचागत सुविधाओं की ओर से सामना करने के प्रयास के तहत अंजाम दिया गया बताया जा रहा है।

🔹 सिदोन (Sidon): रात करीब 1 बजे एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत पर मिसाइल हमले से यह इमारत पूरी तरह ध्वस्त हो गई, जो एक औद्योगिक इलाके में स्थित थी जिसमें कार्यशालाएं और मैकेनिक की दुकानें थीं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार इमारत उस समय खाली थी। कम से कम एक व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया और बचाव दल अन्य संभावित लोगों की तलाश कर रहा है।

🔹 बेका घाटी (Bekaa Valley) और दक्षिणी गांव: इजरायली वायु सेना ने हिज्बुल्ला और हमास के ढांचागत ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई क्षेत्रों में स्ट्राइक कीं। बेका घाटी के मनारा गांव में एक घर (जिसे लेबनान सरकारी मीडिया ने हमास कमांडर से जोड़ा) पर भी हमला हुआ, और दक्षिणी गांव ब्राईकेह में ड्रोन हमले में दो लोग घायल हुए।

इजरायली सैन्य प्रवक्ता ने कहा है कि ये हमले उन ठिकानों पर हुए हैं जिन्हें हिज्बुल्ला और हमास के ढांचागत उपयोग में माना जा रहा है और वे सीमा सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न करते हैं। इससे पहले भी उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर चेतावनी जारी की थी कि सेना इन समूहों के निशानों पर कार्रवाई करेगी।

ये हमले ऐसे समय में किए गए हैं जब कुछ ही दिनों में लेबनान के सेना प्रमुख सीमा के पास हिज्बुल्ला के निरस्त्रीकरण पर सरकार को रिपोर्ट देने वाले हैं। वहीं सिदोन में हुए बाद के हमले के बारे में इजरायली सेना ने तुरंत कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

📌 जुड़ी अन्य जानकारी

• लेबनान सरकार की योजना यह है कि सीमा के पास हिज्बुल्ला की सशस्त्र उपस्थिति को समाप्त किया जाए, जिसे 2025 तक पूरा किया जाना है।
• पिछले कुछ वर्षों में इजरायल और हिज्बुल्ला के बीच संघर्ष के बाद 2024 के अंत में शांति समझौता हुआ था, लेकिन सीमापार हमले और तनाव जारी हैं।

इस बीच स्थानीय प्रेस और सरकारी अधिकारियों के बयान आने की प्रतीक्षा है ताकि हमलों के विस्तृत प्रभाव और संभव हताहतों की जानकारी मिल सके।

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