
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा आकाशवाणी भवन परिसर के अंदर पहुंच गए। उनके साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, इमरान प्रतापगढ़ी और श्रीनिवास बीवी भी मौजूद रहे।
राहुल गांधी ने आकाशवाणी परिसर के अंदर से मीडिया से बातचीत करते हुए दावा किया कि प्रदर्शन में विपक्ष के करीब 300 सांसद शामिल हुए। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसदों को चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर जाने से रोका जा रहा है।
राहुल गांधी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, “हम न सिर्फ उनका मुकाबला करेंगे, बल्कि उन्हें खत्म करने जा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि देश के साथ जो किया गया है, वह देशद्रोह है और “कोई भी बच नहीं पाएगा।”
पुलिस ने विपक्षी सांसदों को रोका
विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शन कर रहे कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में लेकर अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में ले जाया गया।
इसी बीच राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अचानक आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हो गए। कुछ देर बाद केसी वेणुगोपाल और पवन खेड़ा समेत अन्य कांग्रेस नेता भी परिसर के अंदर पहुंच गए।
आकाशवाणी परिसर में धरने पर बैठे नेता
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि इंडिया गठबंधन के सांसदों ने चुनाव आयोग की ओर मार्च करने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेता चुनाव आयोग कार्यालय के पास स्थित आकाशवाणी परिसर के अंदर धरने पर बैठे हैं।
वहीं, आकाशवाणी भवन के बाहर भी बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जुटे रहे। पुलिस ने एनएसयूआई और कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। प्रदर्शन के चलते इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।

