वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध के जल्द समाप्त होने की उम्मीद जताई हो, लेकिन जमीनी हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं। मंगलवार को भी दोनों पक्षों के बीच जोरदार हमले जारी रहे और क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को लेकर 5 दिनों का विराम देने की बात कही थी, लेकिन इसके बावजूद इजरायल और अमेरिका की ओर से तेहरान पर हमले की खबरें सामने आई हैं। वहीं ईरान ने अपनी शर्तें पूरी होने तक किसी भी बातचीत से साफ इनकार कर दिया है।
ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी सरकार तेहरान के साथ “उत्पादक बातचीत” कर रही है, लेकिन ईरान के रुख को देखते हुए शांति की संभावना फिलहाल कमजोर दिख रही है। युद्ध को लेकर दोनों पक्षों के बीच अविश्वास लगातार बढ़ता जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की समय-सीमा बढ़ा दी है। यह मार्ग वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई और निवेशकों को कुछ राहत मिली।
युद्ध के चलते अब तक ईरान में 1500 से अधिक लोगों की मौत का दावा किया गया है। लेबनान में 1000 से ज्यादा, जबकि इजरायल में 15 और अमेरिका के 13 सैनिकों के मारे जाने की खबर है। लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची विभिन्न देशों—अजरबैजान, मिस्र, ओमान, पाकिस्तान, रूस, दक्षिण कोरिया, तुर्की और तुर्कमेनिस्तान—के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं। वहीं ईरानी संसद के सदस्य इस्माइल कोसारी ने अमेरिका पर भरोसा न करने की चेतावनी दी है।
कुल मिलाकर, कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद युद्ध की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और निकट भविष्य में इसके थमने के स्पष्ट संकेत नजर नहीं आ रहे हैं।
