महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव में निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों को राज्य चुनाव आयोग (SEC) से बड़ा झटका लगा है। आयोग ने राज्य की कुछ महानगरपालिकाओं में हुए निर्विरोध चुनावों की जांच के आदेश दे दिए हैं। इस जांच में यह देखा जाएगा कि कहीं उम्मीदवारों ने दबाव, प्रलोभन या किसी अन्य अनुचित तरीके से अपने विरोधियों को नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर तो नहीं किया।
महाराष्ट्र में हाल ही में हुए महानगरपालिका चुनावों में महायुति के कुल 68 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी के 44, शिवसेना (शिंदे गुट) के 22 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के 2 उम्मीदवार शामिल हैं।
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, शिकायतें मिलने के बाद यह फैसला लिया गया है कि यह जांच आवश्यक है कि क्या नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया पूरी तरह स्वैच्छिक थी या फिर इसके पीछे किसी प्रकार का दबाव या लालच काम कर रहा था। आयोग यह भी जांच करेगा कि क्या निर्विरोध जीत हासिल करने के लिए विजयी उम्मीदवारों या उनके समर्थकों ने अन्य प्रत्याशियों पर किसी तरह का दबाव बनाया।
राज्य चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने और रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता पाई जाती है, तो आयोग आगे की कार्रवाई भी कर सकता है।
इस फैसले को चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
