देहरादून, 07 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के 79वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो ने बीते आठ दशकों में गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उपभोक्ता संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर “गुणवत्ता ही पहचान” के मंत्र को साकार किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 में भारतीय मानक संस्था के रूप में शुरू हुई यह यात्रा आज देश की औद्योगिक, वैज्ञानिक और आर्थिक प्रगति की मजबूत आधारशिला बन चुकी है। BIS के मानकीकरण, प्रमाणीकरण और गुणवत्ता परीक्षण से न केवल उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बने हैं, बल्कि उपभोक्ताओं के जीवन में भरोसे और सुरक्षा की भावना भी सुदृढ़ हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मानकीकरण केवल उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, ऊर्जा, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन और डिजिटल सेवाओं तक विस्तृत हो चुका है। BIS द्वारा डिजिटल सुरक्षा, मेडिकल डिवाइस, ड्रोन, इलेक्ट्रिक वाहन, रिसाइकिल सामग्री और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में तय किए जा रहे मानक भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय उत्पादों को वैश्विक गुणवत्ता का मानदंड बनाने में BIS की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि वन नेशन, वन स्टैंडर्ड की नीति के तहत BIS भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाएगा और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हस्तशिल्प, जैविक कृषि उत्पाद, औषधीय जड़ी-बूटियाँ और स्थानीय खाद्य उत्पादों के लिए उच्च गुणवत्ता मानक स्थापित कर रही है। “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता को केवल मानक नहीं, बल्कि आदत और संस्कृति बनाना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पहली बार विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति-2025 लागू की गई है।
- सभी 13 जनपदों के 95 ब्लॉकों में लगभग 180 STEM लैब्स स्थापित की गई हैं।
- हर जिले में साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रीमियर लीग और लैब-ऑन-व्हील्स शुरू की गई है।
- विभिन्न विश्वविद्यालयों में 60 पेटेंट सूचना केंद्र खोले गए हैं।
- सीमांत क्षेत्रों के लिए सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून में बनने वाली देश की पाँचवीं साइंस सिटी का निर्माण तेज़ी से चल रहा है, जिस पर केंद्र व राज्य सरकार मिलकर 175 करोड़ रुपये खर्च कर रही हैं। साथ ही महिला प्रौद्योगिकी केंद्रों की स्थापना भी शुरू हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि सिलक्यारा रेस्क्यू अभियान में अपनाए गए विज्ञान-प्रौद्योगिकी आधारित मॉडल को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है और उसी पर आधारित विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, BIS निदेशक सौरभ तिवारी, यू-कॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, ब्रिगेडियर के.जी. बहल (सेनि) सहित उद्योग एवं व्यापार संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
