नई दिल्ली। राजधानी नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान शुक्रवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब भारतीय राष्ट्रीय युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर शर्ट उतारकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि यह विरोध अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के खिलाफ किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के सत्र के दौरान अचानक कुछ लोग अपनी सीटों से खड़े हो गए और नारे लगाने लगे, जिससे कार्यक्रम में कुछ समय के लिए व्यवधान उत्पन्न हो गया। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और प्रदर्शनकारियों को कार्यक्रम स्थल से बाहर ले जाया गया।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि प्रदर्शन के समय संबंधित लोगों के पास वैध प्रवेश पास था या नहीं। पुलिस ने कहा कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यह विरोध प्रदर्शन पांच दिवसीय शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश के प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के भविष्य, नवाचार और वैश्विक सहयोग पर चर्चा के लिए एकत्रित हुए थे।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा करार दिया।
भाजपा आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने इस घटना को ‘राष्ट्रीय कलंक’ बताया और कहा कि ऐसे समय में जब भारत वैश्विक एआई सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, इस प्रकार का व्यवहार अनुचित है।
वहीं दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन विदेशी मेहमानों के सामने इस तरह का प्रदर्शन देश की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
समाचार लिखे जाने तक कांग्रेस या राहुल गांधी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

