अमेरिका की ओर से लंबे समय से यह दावा किया जाता रहा है कि ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया गया है। हालांकि, हाल ही में सामने आई एक इंटेलिजेंस रिपोर्ट इन दावों से अलग तस्वीर पेश करती है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी और इज़रायल की ओर से कई हफ्तों तक किए गए तीव्र हवाई हमलों के बावजूद, ईरान के पास अब भी हजारों मिसाइलें और घातक ड्रोन मौजूद हैं। यह आकलन डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के उन दावों के विपरीत है, जिनमें ईरान की सैन्य ताकत को लगभग खत्म बताया गया था।
डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी के निदेशक और मरीन कॉर्प्स के लेफ्टिनेंट जनरल जेम्स एडम्स ने ‘हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी’ के सामने अपने बयान में कहा कि तेहरान अब भी बड़ी संख्या में हथियारों को सुरक्षित रखने में सफल रहा है।
उनके मुताबिक, युद्ध के दौरान कुछ नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
CNN की एक जांच में भी यह बात सामने आई कि पांच हफ्तों से अधिक समय तक लगातार हमलों के बावजूद:
ईरान के लगभग आधे मिसाइल लॉन्चर अब भी सुरक्षित हैं
हजारों की संख्या में ड्रोन और मिसाइलें उसके पास मौजूद हैं
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की तटीय सुरक्षा के लिए तैनात क्रूज मिसाइलों का बड़ा हिस्सा भी सुरक्षित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन मिसाइलों को मुख्य रूप से निशाना नहीं बनाया गया, जिससे वे अब भी ईरान की सैन्य ताकत का अहम हिस्सा बनी हुई हैं।
विश्लेषकों के मुताबिक, ईरान के पास मौजूद ये हथियार मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी ठिकानों और उसके सहयोगी देशों के लिए अब भी खतरा बने हुए हैं।
इस रिपोर्ट से साफ है कि लगातार हमलों के बावजूद ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और वह अब भी क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

